
प्रमुख संवाददाता | स्वराज इंडिया न्यूज़ | कानपुर
कानपुर नगर निगम ने निराश्रित श्वानों की लगातार बढ़ती समस्या पर लगाम लगाने और उन्हें व्यवस्थित तरीके से भोजन उपलब्ध कराने के लिए 55 डॉग फीडिंग सेंटर शुरू किए हैं। यह कदम उच्चतम न्यायालय के आदेश (22 अगस्त 2025) और पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम-2023 के अनुपालन में उठाया गया है।नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने बताया कि इन फीडिंग सेंटरों का चयन बेहद सोच-समझकर किया गया है। इन्हें खासतौर पर ऐसे स्थानों पर स्थापित किया गया है, जहां बच्चों के खेलने के मैदान, स्कूल, बुजुर्गों की नियमित आवाजाही वाले क्षेत्र या भीड़-भाड़ वाले मार्ग न हों। उद्देश्य यह है कि श्वानों को सुरक्षित और व्यवस्थित भोजन भी मिले और नागरिकों की सुरक्षा पर भी कोई खतरा न हो।
श्वानों और नागरिकों की सुरक्षा

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि सामुदायिक श्वानों को अब सिर्फ इन निर्धारित स्थलों पर ही भोजन कराया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।नगर आयुक्त ने साफ कहा कि श्वानों का स्वभाव क्षेत्रीय होता है और यदि उन्हें भोजन के लिए उनके इलाके से बाहर जाना पड़े तो उनकी आक्रामकता बढ़ सकती है, जिससे नागरिकों के लिए खतरे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इन फीडिंग सेंटरों से यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
पशुप्रेमियों और नागरिकों की जिम्मेदारी

सीवीओ डॉ. आर.के. निरंजन ने स्पष्ट किया कि भोजन कराने वाले पशुप्रेमियों को स्थल पर स्वच्छता बनाए रखना होगा और बचा हुआ भोजन भी सुरक्षित तरीके से निस्तारित करना होगा। इतना ही नहीं, भोजन कराने वालों को निगम के बंध्याकरण और टीकाकरण कार्यक्रम में भी सहयोग करना होगा, ताकि श्वानों की आबादी और उनसे जुड़ी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।नगर निगम अब एक जनजागरूकता अभियान भी चलाएगा, जिसमें नागरिकों को यह बताया जाएगा कि सामुदायिक श्वानों के साथ कैसा व्यवहार करना है और उन्हें जिम्मेदारीपूर्वक कैसे भोजन कराना है। साथ ही निगम ने यह भी घोषणा की है कि निराश्रित श्वानों की देखभाल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनजीओ, निकायों और पशुप्रेमियों को राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु
- कानपुर नगर निगम ने शुरू किए 55 डॉग फीडिंग सेंटर
- उच्चतम न्यायालय और एबीसी नियम-2023 के अनुपालन में पहल
- फीडिंग सेंटर भीड़-भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर स्थापित
- उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
- भोजन कराने वालों को स्वच्छता और टीकाकरण कार्यक्रम में सहयोग करना होगा
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनजीओ और पशुप्रेमियों को मिलेगा सम्मान



