
मथुरा जिले की कई ट्रस्ट और धर्मशालाओं को होटलों में तब्दील किया जा रहा है
-आश्रमों और धर्मशालाओं में जीवन यापन कर रहे साधुओं को सताया जा रहा है
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
मथुरा-वृंदावन।
बृजनगरी में देश दुनियां से लाखों श्रद्धालु आते रहते हैं, कहा जाता है कि ’बृज की रज’ मिलना हर किसी के भाग्य में नहीं होता है। इसी आस में हजारों लोग आकर अपने जीवन को कृतार्थ करते हैं। वृंदावन में लगातार बढ रही भीड का फायदा अब भू-माफिया उठाने में लग गए हैं। बृज क्षेत्र की प्राचीन धर्मशालाओं और आश्रमों के ट्रस्टियों से मिलीभगत करके उनको आलीशान होटल या व्यवसायिक कांपलेक्स में बदला जा रहा है। इससे यहां पर दशकों से रहे रहे साधु-सन्यासी सताए जा रहे हैं। वृंदावन क्षेत्र का एक प्रकरण सामने आया है। इसमें इस खेल का खुलासा हुआ है। मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस में हुई लेकिन पुलिस जांच के नाम पर 4 दिन से मामले को दबाए है।
मथुरा जनपद के वृंदावन में परिसर संख्या 102 और 103 रमनरेती इलाके में श्रीकृष्ण कल्पतरू आश्रम संचालित किया जा रहा है। यहां के एक किता ट्रस्टी अचलदास पुत्र नरहरीदास ने वृंदावन कोतवाली में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह उक्त ट्रस्ट में दशकों से रहता आ रहा हूं, इसी में अन्य ट्रस्टी भी रहते हैं। इनमें संजय भारद्धाज, अजय रस्तोगी, कविता भारद्धाज और नीरज गुप्ता, वरूण वर्मा, पवन गुप्ता सहित अन्य लोग भूमाफियाओं से मिलकर ट्रस्ट की संपत्ति खुर्द-बुर्द करना चाहते हैं। उक्त लोग साजिशन ट्रस्ट से बेदखल की फिराक में लगे हुए हैं। बताया कि 14 सितंबर 2024 को सायं 4 बजे बाजार सामान लेने गया था। वह करीब एक घंटे बाद जब वापस आया तो संजय भारद्धाज आदि ने मिलकर उसके अधीन कमरों में भी ताला डाल दिया। इसके बाद यह लोग यहां से गायब हो गए। किसी तरह से संजय भारद्धाज से फोन पर संपर्क करके ताला बंद करने के बाबत पूछा तो गाली देने लगे और मारपीट की धमकी दे डाली। पीडित ने कहा कि वह लोग झूठे मुकदमे मंे फंसाकर जेल भेजने की भी लगातार धमकी दे रहे हैं। इससे वह डर गया है। अचल दास ने बताया कि उक्त लोग अपराधी और गंदी सोच के व्यक्ति हैं, वह किसी तरह से ट्रस्ट की संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। वह यहां पर गेस्ट हाउस या होटल बनाकर बेंच देंगे। पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की गई है।

योगी के शासन में संत परेशान
वृंदावन और आसपास के हिस्सों में करीब हजारों मंदिर और ट्रस्ट हैं। इनमें कब्जेदारी को लेकर अक्सर विवाद सामने आ रहे हैं। मथुरा और वृंदावन में जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। यहां पर रूकने के लिए गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं कम पड जाती हैं। अब होटल इंडस्ट्री बढ रही है। इसी का फायदा उठाकर अब आश्रम और धर्मशालाओं को कब्जाकरके होटल बनाकर रूप्ए कमाने का सौदा किया जा रहा है। कई संतों ने बताया कि योगी के शासन में भी संत परेशान हैं, पुलिस भी सुनवाई नही ंकर रही है।
कई धर्मशालाएं और आश्रम हुए विरान
मथुरा, वृंदावन में इस समय में तमाम पुरानी धर्मशालाएं और आश्रम जर्जर हैं। इनके कई ट्रस्टी य तो खत्म हो गए हैं या फिर अन्य जगह चले गए हैं। इन्ही ट्रस्ट और धर्मशालाओं को निशाना बनाकर कब्जा करने का खेल चल रहा है। इमसें नगर निगम और प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इन ट्रस्टों में बाकी कुछ संत और सेवादार रहते हैं तो उनको भी डरा धमकाकर भगा दिया जाता है। यहां पर कुला मिलाकर एक माफिया लाॅबी हावी है। हाल यह हैं कि लोगों ने घरों को गेस्ट हाउस बना दिया है।