
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो वाराणसी।
आस्था और अध्यात्म की नगरी काशी में एक अद्भुत दृश्य ने भक्तों का हृदय भावविभोर कर दिया। श्री काशी विश्वनाथ धाम के गर्भगृह के स्वर्ण शिखर पर हाल ही में एक श्वेत उल्लू का विराजन देखा गया, जिसे श्रद्धालुओं ने माता लक्ष्मी के आगमन और शुभ संकेत के रूप में माना
भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार उल्लू माता लक्ष्मी का वाहन माना गया है और विशेष रूप से सफेद उल्लू अत्यंत शुभ एवं समृद्धि का प्रतीक होता है। इस अद्भुत घटना की जानकारी मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्व भूषण मिश्र ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा कि “शयन आरती के उपरांत बाबा के शिखर पर श्वेत उल्लू के दर्शन हुए, जो आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संकेत है।”भक्तों का विश्वास है कि इस प्रकार के दैवीय संकेत उनकी मनोकामना पूर्ति, सुख-समृद्धि और शांति का संदेश लेकर आते हैं। काशी विश्वनाथ धाम, जो सदैव अध्यात्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं का केंद्र रहा है, एक बार फिर अपनी दैवीय महिमा का साक्षात प्रमाण बन गया।


श्रद्धालुओं का कहना है कि शिखर पर उल्लू का विराजमान होना केवल धार्मिक घटना नहीं, बल्कि समाज में नई ऊर्जा, एकता और सकारात्मकता का संदेश भी है।
