
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली/लखनऊ।
देश के प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास के प्रशंसकों के समूह ‘विश्वासम् परिवार’ द्वारा प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका ‘मनहर’ का विशेष अंक इस बार “वयोधा धर्मनिष्ठता विशेषांक” के रूप में सामने आएगा। इसे विशेष रूप से कांचीपुरम् (तमिलनाडु) में 12-13 सितंबर को आयोजित होने वाली युवा धर्म संसद को समर्पित किया जाएगा। यह अंक सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रति युवाओं की अटूट श्रद्धा, निष्ठा और संकल्प को प्रकट करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
प्रबंधन समिति की राय
डॉ. नीतू शर्मा ने कहा, “यह केवल पत्रिका नहीं, बल्कि युवाओं की धर्मनिष्ठा और जोश का प्रतीक है। यह युवाओं को प्रेरित करेगी कि वे अपनी संस्कृति को जीवित रखें और विश्व स्तर पर उसका गौरव बढ़ाएं।”वृंदा ने बताया कि इसका लक्ष्य उन युवाओं को मंच देना है, जो अपनी संस्कृति और धर्म के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करना चाहते हैं। वीणा ने जोर देकर कहा कि युवा धर्म संसद में उपस्थित हर युवा सनातन धर्म की ज्योति को प्रज्ज्वलित रखता है, और यह अंक उसी समर्पण का सम्मान है। अमर बाजपेई ने इसे युवाओं का “संकल्प पत्र” बताया, जो दर्शाता है कि भारत का युवा अपनी संस्कृति व धर्म के प्रति पूरी तरह समर्पित है। मीडिया प्रभारी अमन मिश्रा ने कहा कि विशेषांक में प्रकाशित लेख और विचार इस बात का प्रमाण होंगे कि विश्वासम् परिवार और सेवाज्ञ संस्थानम् अपने उद्देश्य की ओर तेज़ी से अग्रसर हैं।
आयोजन की झलक
‘विश्वासम्’ परिवार निरंतर ‘मनहर’ पत्रिका के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में सक्रिय है। इस बार का विशेष अंक उन युवाओं को समर्पित होगा, जो युवा धर्म संसद 2025 में भाग लेंगे।यह संसद सेवाज्ञ संस्थानम् के तत्वावधान में 12-13 सितंबर को कांचीपुरम् में आयोजित की जाएगी। इसमें देशभर के 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से करीब 2,000 युवा, शिक्षक, शोधकर्ता और धर्माचार्य शामिल होंगे। इससे पहले चार युवा धर्म संसदों में 5,600 प्रतिभागी भाग ले चुके हैं। इस आयोजन में पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य, लेखिका सुधा मूर्ति और अधिवक्ता जे. साईं दीपक जैसे प्रमुख वक्ताओं के शामिल होने की संभावना है। वहीं, उद्घाटन और समापन सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी आने की संभावना जताई गई है। इन वक्ताओं और अतिथियों का उद्देश्य युवाओं को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करना होगा।


