
स्वराज इंडिया न्यूज़ ब्यूरो | लखनऊ डेस्क
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने प्रदेशभर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब घरों और प्रतिष्ठानों में लगे पारंपरिक पोस्टपेड मीटरों को हटाकर उनकी जगह प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। निगम के मुताबिक, इस व्यवस्था से बिजली आपूर्ति और बिलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में पूरा प्रदेश प्रीपेड व्यवस्था से जुड़ जाएगा और उपभोक्ता केवल उतनी ही बिजली का उपभोग कर पाएंगे, जितनी उन्होंने पहले से रिचार्ज कर रखी होगी। इस आदेश को लागू करने के लिए एक बड़े अभियान की तैयारी की जा रही है, जिसमें चरणबद्ध तरीके से सभी उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा।
⚡ उपभोक्ता परिषद की आपत्ति
पावर कारपोरेशन के इस आदेश पर विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आपत्ति दर्ज कराई है। परिषद का कहना है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर का शुल्क पारंपरिक पोस्टपेड मीटर की तुलना में लगभग छह गुना ज्यादा है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। परिषद ने यह भी आरोप लगाया है कि पावर कारपोरेशन बिना उपभोक्ताओं की सहमति के जबरन मीटर बदलने का दबाव बना रहा है। परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश को वापस नहीं लिया गया तो बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने से पहले राहतकारी कदम उठाने चाहिए थे, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
🏠 उपभोक्ताओं के लिए राहत

हालांकि निगम की ओर से पुराने उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भी दी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन उपभोक्ताओं के घर पहले से पोस्टपेड मीटर लगे हैं, उन्हें बदलकर प्रीपेड मीटर लगाने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी पुराने उपभोक्ताओं को इस बदलाव पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना होगा। निगम के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से बिलिंग में गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। साथ ही उपभोक्ता अपनी खपत के हिसाब से बिजली का रिचार्ज कर सकेंगे, जिससे उन्हें बिल चुकाने में पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी।
🔑 मुख्य बिंदु
- पोस्टपेड मीटर होंगे प्रीपेड स्मार्ट मीटर में तब्दील
- प्रदेश भर में चलाया जाएगा विशेष अभियान
- नए उपभोक्ताओं को पहले ही दिया जा चुका है आदेश
- प्रीपेड स्मार्ट मीटर पोस्टपेड से 6 गुना महंगे
- उपभोक्ता परिषद ने फैसले पर जताई आपत्ति
- पुराने उपभोक्ताओं से बदली पर शुल्क नहीं लिया जाएगा



