
केंद्र सरकार ने ips अखिल कुमार को तत्काल रिलीविंग के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को जारी किया पत्र
प्रमुख संवाददाता स्वराज इंडिया कानपुर।
शहर में अपराधियों और सिंडीकेट्स पर नकेल कसने वाले पुलिस कमिश्नर IPS अखिल कुमार को अचानक रिलीव कर दिया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश ने न सिर्फ पुलिस महकमे, बल्कि पूरे शहर को चौंका दिया है। अपराधियों और भूमाफियाओं पर खुलकर कार्रवाई करने वाले अफसर की अचानक विदाई ने ईमानदार पुलिसिंग पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऑपरेशन महाकाल बना अपराधियों का दुश्मन
अखिल कुमार ने जनवरी 2024 में कानपुर पुलिस कमिश्नर का कार्यभार संभाला। इसके बाद उन्होंने अपराध सिंडीकेट्स पर सीधी कार्रवाई का सिलसिला शुरू किया। प्रेस क्लब सिंडीकेट पर कड़ी कार्रवाई कर पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित को जेल भेजा। दागी वकीलों पर शिकंजा कसते हुए दीनू उपाध्याय समेत 12 से अधिक अधिवक्ताओं को जेल की हवा खिलाई। सबसे बड़ी कार्रवाई में विवादित वकील अखिलेश दुबे को जेल भेजकर शहर के सफेदपोश माफियाओं की नींव हिला दी।
यहीं नहीं, 19 अगस्त को अखिल कुमार ने ऑपरेशन महाकाल पार्ट-2 लॉन्च किया और ऐलान किया कि अब बारी कानपुर के अन्य बड़े सफेदपोश अपराधियों और भूमाफियाओं की है।

अचानक आदेश से हलचल
25 अगस्त की रात केंद्र सरकार ने उन्हें सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन का MD और CEO बना दिया। सामान्य प्रक्रिया में राज्य सरकार की अनुमति और समय लगता, लेकिन इस बार सीधे गृह मंत्रालय से आदेश जारी हुआ। यही वजह है कि कानपुर में उनकी विदाई को लेकर संदेह गहराता जा रहा है।
अपराधियों और राजनीति की साजिश?
कानपुर में चर्चा है कि अखिलेश दुबे जैसे प्रभावशाली सफेदपोशों की गिरफ्तारी के बाद कई पत्रकार और अधिकारी उनके समर्थन में उतर आए। सोशल मीडिया पर भी उनके खिलाफ माहौल बनाया गया। सवाल यह है कि क्या एक ईमानदार अफसर की अचानक विदाई अपराध सिंडीकेट्स की ताकत का नतीजा है?

जनता के बीच गहरी नाराजगी
कानपुर की जनता और पुलिसकर्मी दोनों ही इस फैसले से असहज हैं। क्योंकि अखिल कुमार के कार्यकाल में अपराधियों पर कार्रवाई सीधे सबूतों और SIT रिपोर्ट के आधार पर हुई थी, किसी दबाव में नहीं। उनकी छवि एक ईमानदार और आक्रामक पुलिस अफसर की रही है।
क्या IPS अखिल कुमार का रिलीव होना महज प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर यह माफिया और अपराध सिंडीकेट्स के दबाव का नतीजा है?
कानपुर अब इसी सवाल का जवाब तलाश रहा है।