
स्वराज इंडिया न्यूज़ ब्यूरो | लखनऊ डेस्क 📍
उत्तर प्रदेश में ओवरलोड ट्रकों, मौरंग–गिट्टी के अवैध कारोबार और सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ एसटीएफ ने दो जिलों—रायबरेली और फतेहपुर—में एक साथ बड़ी कार्रवाई की है।अलग-अलग जांच में एसटीएफ ने एआरटीओ, खान अधिकारी, पीटीओ, ड्राइवर, गनर और दलालों समेत कुल 17 लोगों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।कार्रवाई के बाद परिवहन और खनन विभागों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि नेटवर्क की संरचना सीधे अधिकारियों और उनके स्टाफ की मिलीभगत से जुड़ी पाई गई है।
फतेहपुर: खान अधिकारी, आरटीओ ड्राइवर समेत छह पर केस—दो गिरफ्तार

फतेहपुर जिले में एसटीएफ लखनऊ की टीम ने उस गिरोह को पकड़ा जो मौरंग–गिट्टी लदे ओवरलोड ट्रकों को “सुरक्षित पास” कराने के नाम पर वसूली करता था।एसटीएफ इंस्पेक्टर दीपक सिंह ने थरियांव थाने में निम्न पर केस दर्ज कराया—
खान अधिकारी देशराज पटेल
उनका गनर राजू
आरटीओ/पीटीओ ड्राइवर बबलू पटेल
लोकेशन देने वाला धीरेंद्र सिंह
ट्रक चालकविक्रम और मुकेश तिवारी
जांच से पता चला कि गिरोह हर ओवरलोड ट्रक से 7,000 रुपये वसूलता था, जिसमें से 5,000 रुपये सरकारी कर्मचारियों तक पहुंचता था।एसटीएफ ने धीरेंद्र सिंह और ट्रक चालक विक्रम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, साथ ही एक नो-रवन्ना ओवरलोड ट्रक भी कब्जे में ले लिया।सूत्रों के अनुसार, एफआईआर के बाद खान अधिकारी का निलंबन तय माना जा रहा है।
रायबरेली: एआरटीओ–पीटीओ समेत 11 पर केस, दो आरोपी गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई रायबरेली में हुई, जहां ओवरलोड ट्रकों की अवैध वसूली का बड़ा रैकेट सामने आया।एसटीएफ उपनिरीक्षक अमित कुमार तिवारी ने एआरटीओ फतेहपुर, पीटीओ फतेहपुर, एआरटीओ रायबरेली, पीटीओ रायबरेली समेत 11 लोगों पर केस दर्ज कराया।
नामजद अभियुक्त

एसटीएफ ने मोहित सिंह और ट्रक चालक सुनील यादव को गिरफ्तार किया है। मोहित से
– 4,270 रुपये,
– तीन मोबाइल,
– सात बैंक कार्ड,
– पासबुक,
– पैन–आधार
और एक स्कार्पियो बरामद हुई।
हर ट्रक पर तय थी दर विभागीय अफसरों को बंटता था महीना
मोहित से बरामद 141 ट्रकों की सूची ने पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी।जांच में यह फिक्स्ड रेट सामने आई—
एआरटीओ फतेहपुर पुष्पांजली के चालक को: ₹2500/गाड़ी/माह
पीटीओ फतेहपुर के चालक को: ₹2500/गाड़ी/माह
एआरटीओ रायबरेली के दीवान को: ₹3500/गाड़ी/माह
पीटीओ रायबरेली के चालक को: ₹1500/गाड़ी/माह
मोहित खुद रखता था: ₹500/गाड़ी
मोहित और मिथुन दोनों यह वसूली बैंक के जरिए अधिकारियों तक पहुंचाते थे।
दो जिलों में हड़कंप कई बड़े नाम फंसने की तैयारी में
एसटीएफ को संदेह है कि फतेहपुर और रायबरेली का यह नेटवर्क एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है, क्योंकि दोनों जिलों से गुजरने वाले ओवरलोड वाहन एक ही रूट का इस्तेमाल करते थे।अब एसटीएफ बैंक खातों, मोबाइल चैट्स, लेन-देन और रैकेट से जुड़े बड़े नोड्स खंगाल रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार—“अवैध वसूली नेटवर्क का पूरा वित्तीय रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। अभी कई बड़े नाम सामने आने बाकी हैं।”
मुख्य बिंदु📌
- दो जिलों रायबरेली व फतेहपुर में एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई
- कुल 17 आरोपी, जिनमें एआरटीओ, पीटीओ, खान अधिकारी व ड्राइवर–दलाल शामिल
- ओवरलोड ट्रकों से महीनेभर की फिक्स वसूली, रकम अधिकारियों तक पहुंचती थी
- फतेहपुर में 6 और रायबरेली में 11 पर एफआईआर
- दो–दो गिरफ्तारी: धीरेंद्र, विक्रम (फतेहपुर) और मोहित, सुनील (रायबरेली)
- 141 ट्रकों की सूची मिली — पूरा नेटवर्क संरचित और संगठित
- एसटीएफ बैंक अकाउंट्स, मोबाइल लॉग और चैट्स की पड़ताल कर रही
- खनन व परिवहन विभाग में मचा हड़कंप, कई निलंबन संभव



