Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2024: सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की दोनों सीट अमेठी और रायबरेली के लिए अंतिम फैसला 26 अप्रैल के बाद लिया जाएगा। ऐसी संभावना है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) अगले हफ्ते नामांकन दाखिल कर सकते हैं
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान होने वाला है और इस बीच अब खबर ये आ रही है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। पार्टी सूत्रों ने ये बताया है कि वायनाड में वोटिंग खत्म होने के बाद राहुल अमेठी में ताल ठोकेंगे। इसके अलावा, बहन प्रियंका गांधी भी रायबरेली से मैदान में उतर सकती हैं। ये सीट इस साल की शुरुआत में ही खाली हुई, जब उनकी मां सोनिया गांधी राज्यसभा चली गईं।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) वायनाड से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां शुक्रवार को दूसरे चरण में मतदान होना है। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में सीट जीती। हालांकि, उन्हें अपने ही गढ़ अमेठी (Amethi) में BJP की स्मृति ईरानी के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
पूर्व MLC और कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने ANI को बताया कि राहुल 26 अप्रैल को अमेठी आएंगे। उन्होंने कहा, ‘हम सभी का मानना है कि राहुल गांधी ‘शुभ मुहूर्त’ में आएंगे, वो समय पर आएंगे। इस बार वो अमेठी में जीतेंगे, सांसद बनेंगे और भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे। इस बार वो अमेठी से सबसे ज्यादा वोटों से जीतने का रिकॉर्ड बनाएंगे
‘UP Loksabha Election: राहुल Vs स्मृति
कांग्रेस ने अब तक अमेठी और रायबरेली (Raebareli) दोनों के लिए अपने उम्मीदवारों पर सस्पेंस बरकरार रखा है, जिससे गांधी परिवार की अपने पारंपरिक गढ़ों की योजना पर अटकलें लगाई जा रही हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने यह भी सुझाव दिया कि अगर राहुल वायनाड से चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं, तो प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को अमेठी से चुनाव लड़ना चाहिए।वाड्रा ने खुद दावा किया कि पार्टी के भीतर लोग चाहते थे कि वो अमेठी से लड़ें। हालांकि, अब ऐसी अटकलें लगाई जा रही है कि एक बार फिर स्मृति ईरानी Vs राहुल गांधी देखने को मिल सकता है।राहुल को 55,120 वोटों के अंतर से हराने वाली स्मृति ईरानी कांग्रेस नेता को फिर से उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दे रही हैं। राहुल पर अमेठी से ‘भागने’ का आरोप लगाने से लेकर यह कहने तक कि उन्होंने पिछले 15 सालों में इस इलाके में शायद ही कोई विकास किया है, ईरानी पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस नेता का उपहास करने और उन्हें बदनाम करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं।इन हमलों पर राहुल ने ज्यादातर चुप्पी साधे रखी है। यहां तक कि जब उनकी भारत जोड़ो न्याय यात्रा अमेठी से गुजरी, तब भी राहुल ने स्मृति पर सीधे निशाना साधने के बजाय जाति जनगणना और भारत-चीन तनाव जैसे बड़े मुद्दों पर बात की
प्रियंका का चुनावी डेब्यूइस बीच, इस साल फरवरी से ही प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के चुनावी मैदान में उतरने की मांग जोर पकड़ रही है।2019 में भी ऐसी अफवाहें जोरों पर थीं कि कांग्रेस प्रियंका को वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ मैदान में उतार सकती है। हालांकि, सबसे पुरानी पार्टी ने यहां से अजय राय को मैदान में उतारा।रायबरेली 1960 से कांग्रेस का गढ़ रहा है और फिरोज गांधी और इंदिरा गांधी दोनों यहां चुनाव जीत चुके हैं। सोनिया गांधी साल 2004 से 2024 तक यहां से लोकसभा सांसद रहीं


