
स्वराज इंडिया कानपुर।
फास्ट फूड की लत बच्चों को किस हद तक ले जा सकती है, इसका ताजा उदाहरण बुधवार को शहर में सामने आया। काकादेव क्षेत्र के एक होटल कारोबारी का 14 वर्षीय बेटा मैगी, बर्गर, पिज्जा और कोल्ड ड्रिंक का शौकीन था। जब घर से पैसे नहीं मिले तो उसने अपनी बहन की सगाई की अंगूठी तक बेचने का प्रयास कर डाला।
जानकारी के मुताबिक, बच्चा शास्त्री नगर की एक सर्राफा दुकान पर चार ग्राम की अंगूठी लेकर पहुंचा और दुकानदार से कहा कि उसके पिता की तबीयत खराब है और दवा लाने के लिए पैसे चाहिए। लेकिन दुकानदार को उसकी बातों पर शक हुआ। पूछताछ में बच्चा उलझ गया और सच्चाई सामने आ गई।

सर्राफा ने मामले की सूचना ऑल इंडिया ज्वेलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों को दी। पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चे से उसके घर का मोबाइल नंबर लेकर परिजनों को बुलाया। कुछ देर बाद बच्चे की मां दुकान पर पहुंचीं। अंगूठी सुरक्षित रूप से उन्हें सौंप दी गई।
पूछताछ में नाबालिग ने स्वीकार किया कि उसे मैगी और बर्गर खाने की आदत थी और जेब खर्च न मिलने पर उसने अंगूठी बेचने की योजना बनाई। इस घटना ने न सिर्फ परिजनों बल्कि स्थानीय लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों में फास्ट फूड की बढ़ती लत किस तरह खतरनाक मोड़ ले सकती है।


