Saturday, August 30, 2025
Homeराज्यउत्तर प्रदेशविभाग की बेरुखी से दुःखी, अब उड़ गई चेहरे की ख़ुशी

विभाग की बेरुखी से दुःखी, अब उड़ गई चेहरे की ख़ुशी

विश्व सीनियर सिटिज़न्स डे पर वरिष्ठ नागरिकों का छलका दर्द, अब नहीं वो हंसी और ख़ुशी के भाव, बने जीवन के घाव
सेन्ट्रल जीएसटी विभाग के सेवा निवृत अधिकारी अपने हक़ के लिए कानपुर लखनऊ के चक्कर काट रहे
विभाग में दशकों साल सेवाएं देने के बाद रिटायर हुए, पर प्रोविज़नल पेंशन के सहारे जीवन जीने को मज़बूर

स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो

कानपुर/लखनऊ। दशकों तक विभाग में रहकर सेवारत रहे लेकिन जब रिटायर होकर अपने हक़ की मांग की तो विभाग की बेरुखी ने दिल को तोड़ दिया। जिस विभाग को अपना परिवार माना और दिन का पूरा समय जिसके साथ गुज़ारा वहां की चौखट पर अब हर दिन हक़ की गुहार लगानी पड़ रही है। यह पीड़ा विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के दिन तब उभर कर आई जब लोगों ने सीनियर सिटिज़न्स-डे 21 अगस्त के दिन अपने समाज की बुज़ुर्ग विरासत को सहजते हुए उनकों शुभकामनायें दे रहे थे।
विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर यह पीड़ा कानपुर के केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर विभाग के कर अधिकारीयों की है। विभाग ने 711 लोगों की वरिष्ठता सूची तैयार कर सभी को पद्दोन्नत किया था। बाद में त्रुटि की बात कहकर सभी के वेतन में कटौती कर दी गई और उनकी वरिष्ठता को एडहॉक का दर्ज़ा दे दिया गया। अधिकारी कोर्ट गए वहां से अपने हक़ में जीत भी गए लेकिन उनके हक़ की बात को विभाग स्वीकार नहीं कर पा रहा है, अपील का दौर चलता रहा इस बीच तकरीबन 40 प्रतिशत अधिकारी सेवा निवृत हो कर विभाग से रुखशत हो गए लेकिन उनकी हक़ की मांग लगातार जारी है। कर अधिकारी अरविन्द वरनवाल और सरिता वर्मा ने स्वेक्षा से अपने हक़ में कटौती कराकर बची पेंशन स्वीकार कर ली लेकिन कुछ प्रोविज़नल पेंशन के सहारे गुज़र बसर कर रहे हैं। शैलेन्द्र कुमार और गणेश चंद्र तो पेंशन के लिए बाट जोह रहे हैं। वहीँ इसी विभाग में सहायक निदेशक पद से सेवा निवृत राम वृक्ष भावुक पूर्ण पेशन के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं। सेवा निवृत अधिकारीयों की पीड़ा को लेकर चीफ कमिशनर प्रदीप कटियार से संपर्क किया तो उनके कार्यालय का नंबर सेवा में नहीं पाया गया। वहीँ कानपुर आयुक्तालय के कमिश्नर रोशन लाल की व्यस्तता का हवाला देते हुए संयुक्त आयुक्त प्रमोद कुमार शिवरण से बात करने को कहा गया। जब हमने जेसी प्रमोद शिवरण से बात करनी चाही तो पांच मिनट में वार्ता करवाने की बात के बाद दसियों कॉल पर फोन नहीं उठा। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारीयों के व्यवहार सवालों के घेरे में है।

बुज़ुर्ग विरासत से मिलता जीवन का अनुभव

कानपुर। निस्वार्थ लोकसेवा के लिए “मानवता एक पहचान” संस्था के बैनर तले पनकी पावर हाउस अभियंताओं की अगुवाई वाले ग्रुप ने बुज़ुर्गों की सेवा में अपने सहयोग को सर्वोपरि माना है। ग्रुप के अगुवाकार वरिष्ठ अभियंता राजेश चतुर्वेदी कहते हैं कि बुज़ुर्ग सभी को होना है, बुज़ुर्गों की सेवा से हमें उनके जीवन के अनुभवों की सीख मिलती है, ग्रुप के सहयोग से वृद्धा आश्रम में डेली 4 लीटर दूध, महीने में 4 गैस सिलेंडर रिफलिंग, स्वास्थ्य स्वरक्षा सम्बन्धी जाँच एवं दवाएं वितरित कर बृद्धजनों की सेवा में जुटे हैं। ग्रुप के ज़रिये स्वराज एवं जीवन वृद्धा आश्रम में अपनी सेवाएं देते हैं। ग्रुप में जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और सेवानिवृत अधिकारी व समाज के अन्य लोग भी आर्थिक सहयोग करते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!