
स्वराज इंडिया डेस्क | लखनऊ
उत्तर प्रदेश के नगीना (बिजनौर) से सांसद चंद्रशेखर आजाद और इंदौर की पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी के बीच बढ़ता विवाद अब सार्वजनिक और तीखा रूप ले चुका है। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर कई पोस्ट कर सांसद पर यौन उत्पीड़न, भावनात्मक धोखा और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।X-पोस्ट में सख्त शब्द: “कायर की तरह गृहमंत्री के पीछे मत छिप”रोहिणी ने अपने हालिया पोस्ट में सीधे और तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए लिखा — “मर्दों वाली लड़ाई लड़, कायर की तरह गृहमंत्री के पीछे मत छिप” — यह पंक्ति सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और विवाद की नई लहर खड़ी कर दी। पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपना जीवन और सम्मान खो दिया है और अब वे न्याय के लिए लड़ेंगी।रोहिणी ने आरोप लगाया कि सांसद ने उन्हें शादी का झांसा देकर वर्षों तक भावनात्मक व शारीरिक शोषण किया; कहा कि सांसद स्विट्जरलैंड से शराब की बॉटल्स मंगवाते थे और बाद में उन्हें बदनाम भी किया गया। पोस्ट के बाद उनकी कई अन्य टिप्पणियाँ और सुसाइड की चेतावनियाँ भी सामने आईं, जिससे मामला और संवेदनशील बन गया।
प्रतिनिधि की कार्यवाही — FIR और जांच

सांसद के प्रतिनिधि विवेक सेन ने रोहिणी के सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर बिजनौर-धामपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। प्रतिनिधि का कहना है कि इन पोस्टों से सांसद की छवि को नुकसान पहुंचा है और जानबूझकर अपमानजनक सामग्री फैलाई जा रही है। पुलिस ने इस शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस सूत्र बताते हैं कि मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण जांच उच्चाधिकारियों की निगरानी में चल रही है। इस बीच सांसद के समर्थक और प्रतिनिधि सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर माहौल नियंत्रित कराने और संबंधित अकाउंट की पहचान कर उसे सस्पेंड कराने की मांग कर रहे हैं।
रोहिणी का पक्ष — सुनवाई न होने का आरोप और महिला आयोग की शिकायत

डॉ. रोहिणी ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि वे कई बार दिल्ली पुलिस कमिश्नर तक पहुंची और सबूत भी दिए, पर प्रभाव के चलते उचित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग में भी यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है और आयोग ने मामले को संज्ञान में लिया है।रोहिणी ने कहा कि 2020 में स्विट्जरलैंड में पीएचडी के दौरान उनकी पहचान चंद्रशेखर से हुई, तीन साल तक रिश्ते चले, विवाह का वादा मिला, लेकिन बाद में उन्हें धोखा दिया गया। इसके चलते उन्हें सामाजिक अपमान, मानसिक कष्ट और जीवन संकट का सामना करना पड़ा; उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कई बार आत्महत्या का प्रयास किया। उनके अनुसार अब वे स्वाभिमान और सम्मान की लड़ाई लड़ेंगी।
राजनीतिक और कानूनी निहितार्थ

यह मामला केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया — यह राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया है। सांसद की सार्वजनिक छवि और राजनीतिक प्रतिष्ठा पर असर पड़ने की संभावना है, इसलिए दोनों पक्षों के वकीलों और पुलिस को अब तथ्यों की बारीकी से जांच कर मामला आगे बढ़ाना होगा।कानूनी दृष्टि से, रोहिणी द्वारा लगाए गए आरोपों का सत्यापन, डिजिटल साक्ष्यों (X पोस्ट, मैसेज आदि) की जाँच और संबंधित गवाहों-सबूतों की त्वरित रोस्टरिंग आवश्यक है। दूसरी ओर, यदि पोस्टों में किसी प्रकार का मानहानि/छवि धूमिल करने का तत्व पाया गया तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई सम्भव है — इसलिए प्रासंगिक एजेंसियाँ दोनों पहलुओं की विवेचना कर रही हैं।
भावनात्मक असर और सामाजिक संदर्भ
रोहिणी का संघर्ष सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि, शिक्षा और महिला-सशक्तिकरण के संदर्भ में भी एक संवेदनशील प्रश्न खड़ा करता है — खासकर तब जब पीड़िता उच्च शिक्षा प्राप्त और विदेश अनुभव रखती हो पर न्याय प्रणाली से असंतुष्ट हो। सार्वजनिक मंच पर ऐसे आरोपों से न केवल संबंधित व्यक्तियों की ज़िन्दगियाँ प्रभावित होती हैं, बल्कि समाज में पीड़ितों की आवाज़ और न्याय तक पहुँचने की चुनौतियाँ भी उजागर होती हैं।
प्रमुख कार्रवाई और स्थिति (वर्तमान)
धामपुर कोतवाली में सांसद के प्रतिनिधि विवेक सेन की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए उच्चाधिकारियों की निगरानी में जांच शुरू कर दी है। इस दौरान सोशल मीडिया से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी डॉ. रोहिणी घावरी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर इस विवाद ने तीखी प्रतिक्रियाएं जन्म दी हैं और दोनों पक्षों के समर्थक लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
मुख्य बिंदु📌
- डॉ. रोहिणी घावरी ने X पर सांसद चंद्रशेखर आजाद पर यौन उत्पीड़न, शारीरिक-भावनात्मक शोषण और धोखे के आरोप लगाए।
- रोहिणी ने पोस्ट में लिखा: “कायर की तरह गृहमंत्री के पीछे मत छिप”, और अमित शाह/भाजपा को टैग कर सवाल उठाए।
- सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन ने धामपुर कोतवाली में शिकायत दी; पुलिस ने अज्ञात पर FIR दर्ज की।
- रोहिणी ने राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई; उन्होंने बताया कि कई बार दिल्ली पुलिस को सबूत दिए पर सुनवाई नहीं हुई।
- मामला संवेदनशील व हाई-प्रोफाइल है — जांच में डिजिटल प्रमाण और स्वभाविक गवाह-बयान निर्णायक होंगे।



