मृतक अमीन योगेंद्र की पत्नी को मिली बिल्हौर तहसील में अनुसेवक पद पर तैनाती
- फांसी पर झूल गए थे योगेंद्र, अब पत्नी रीना को मिला जीवन का नया सहारा
- नियुक्ति पत्र मिलते ही रीना बोलीं-थैंक्यू सर!
- दिवाली से पहले परिवार में लौटी रौनक, आंखों में छलक आए आंसू

स्वराज इंडिया न्यूज़ ब्यूरो
बिल्हौर (कानपुर)। दिवाली से ठीक पहले बिल्हौर तहसील के राजस्व अमीन रहे योगेंद्र चौहान की पत्नी रीना चौहान के जीवन में उम्मीद की नई किरण जग उठी है। शनिवार को जब उन्हें मृतक आश्रित कोटे में अनुसेवक पद पर नियुक्ति पत्र सौंपा गया,तो लंबे समय से चेहरे पर पसरा सन्नाटा मानो एक पल में मुस्कान में बदल गया। रीना की आंखें भर आईं, और भावुक स्वर में उन्होंने अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया। मालूम हो कि जनवरी माह में योगेंद्र सिंह ने व्यक्तिगत तनाव के चलते घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया था। आर्थिक तंगी और सामाजिक चुनौतियों के बीच रीना ने साहस नहीं खोया। उन्होंने शासन से मृतक आश्रित कोटे में नौकरी की गुहार लगाई। कई महीने की प्रक्रिया के बाद शासन ने उनकी पीड़ा को समझते हुए संवेदनशील निर्णय लिया। परिणामस्वरूप रीना चौहान को बिल्हौर तहसील में अनुसेवक पद पर तैनाती दी गई। शनिवार को एसडीएम दफ्तर में एसडीएम संजीव दीक्षित और तहसीलदार अनुभव चंद्रा ने रीना चौहान को नियुक्ति पत्र सौंपा। दोनों अधिकारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि शासन का यह कदम केवल एक परिवार की मदद नहीं, बल्कि मानवता का संदेश है।
एसडीएम ने कहा कि जब कोई परिवार विपरीत परिस्थितियों से गुजर रहा हो, तो शासन की संवेदनशीलता ही उसे फिर से खड़ा होने की ताकत देती है।नियुक्ति पत्र मिलते ही रीना की आंखों में आंसू छलक पड़े।
दिवाली से पहले मिली यह नियुक्ति अब सिर्फ़ रीना के घर में नहीं, बल्कि पूरे गांव में उम्मीद की नई रोशनी बन गई है। जहां एक समय योगेंद्र की मौत ने सन्नाटा बिखेरा था, वहीं अब उसी परिवार से फिर जीवन की आहट सुनाई दे रही है।


