
“5 मिनट में ऑटो या ₹50 कैशबैक” निकला झूठा दावा, रैपिडो पर CCPA की सख्ती
1800 से ज्यादा शिकायतों के बाद ₹10 लाख जुर्माना, ग्राहकों को मिलेगा रिफंड
एकांश तिवारी स्वराज इंडिया
नई दिल्ली। बाइक टैक्सी सर्विस देने वाली कंपनी रैपिडो पर सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने बड़ा एक्शन लिया है। गलत और भ्रामक विज्ञापन चलाने पर कंपनी पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, ग्राहकों को पैसा लौटाने और ऐसे विज्ञापन तुरंत हटाने का आदेश दिया गया है।
रैपिडो ने दावा किया था— “5 मिनट में ऑटो या ₹50 कैशबैक”, लेकिन हकीकत अलग थी। पिछले दो साल में 1800 से ज्यादा यूजर्स ने शिकायत की कि कंपनी ने अपने वादों को पूरा नहीं किया। यह विज्ञापन 548 दिन तक, 120 शहरों में और कई भाषाओं में चलाए गए।
कैशबैक नहीं, सिर्फ रैपिडो कॉइन्स दिए गए
जांच में सामने आया कि कंपनी ने ₹50 कैशबैक देने के बजाय ‘रैपिडो कॉइन्स’ दिए, जिन्हें सिर्फ बाइक राइड में इस्तेमाल किया जा सकता था। वो भी सिर्फ 7 दिन तक वैध और कई शर्तों के साथ। इससे ग्राहक बार-बार सर्विस इस्तेमाल करने को मजबूर हुए।
यूजर्स की शिकायतें बढ़ती गईं
अप्रैल 2023 से मई 2024 के बीच रैपिडो पर 575 शिकायतें आईं, जबकि जून 2024 से जुलाई 2025 के बीच ये संख्या बढ़कर 1,224 हो गई। इनमें कैशबैक न मिलने, ज्यादा पैसे वसूलने, रिफंड में देरी और ड्राइवर के दुर्व्यवहार जैसी समस्याएँ शामिल थीं।
15 दिन में रिपोर्ट देनी होगी
CCPA ने कहा कि रैपिडो ने “कमिशन और ओमिशन” दोनों गलतियां कीं— यानी बढ़ा-चढ़ाकर दावे करना और ज़रूरी जानकारी छुपाना। अब कंपनी को 15 दिन में बताना होगा कि वह आदेशों का पालन कैसे कर रही है।

स्वराज इंडिया की ग्राहकों को अपील
अगर आपको भी रैपिडो के विज्ञापन से नुकसान हुआ है, तो आप CCPA या स्थानीय कंज्यूमर फोरम में शिकायत कर सकते हैं। किसी भी ऐप/ऑफर का इस्तेमाल करने से पहले उसकी शर्तें जरूर पढ़ें। भ्रामक विज्ञापन दिखे तो आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।