Sunday, August 31, 2025
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भारत-जापान रिश्तों में नई उड़ान: पीएम मोदी का दो दिवसीय दौरा सफल

“कूटनीति, संस्कृति और सहयोग से भारत-जापान संबंधों में नई मजबूती”

स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली/टोक्यो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान का यह दो दिवसीय दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत-जापान संबंधों में वास्तविक गहराई जोड़ने वाला साबित हुआ। इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और रक्षा सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में एक नया खाका तैयार किया। जापान ने भारत की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने का आश्वासन दिया, वहीं भारत ने जापानी कंपनियों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने का वादा किया।विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे ने एशिया में शक्ति संतुलन को नई दिशा दी है और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत कर दिया है।

जापानी पीएम को मिला खास भारतीय उपहार

पीएम मोदी ने अपने जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा को ‘रामेन बाउल्स विद चॉपस्टिक्स’ का बेहद अनूठा और कलात्मक सेट भेंट किया। यह उपहार ब्राउन मूनस्टोन और चांदी से तैयार किया गया था, जिसमें एक बड़ा बाउल, चार छोटे बाउल और सिल्वर चॉपस्टिक्स शामिल थे।यह उपहार केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि भारत और जापान की खानपान परंपराओं के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश भी देता है। जापान की ‘डॉनबुरी’ और ‘सोबा’ जैसी पारंपरिक खाने की शैलियों से प्रेरित यह बाउल सेट दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक बन गया।

प्रथम महिला के लिए पश्मीना शॉल

प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री की पत्नी को कश्मीर की प्रसिद्ध पश्मीना शॉल भेंट की। यह शॉल भारतीय कारीगरों की निपुणता और सदियों पुरानी पारंपरिक शिल्पकला का उदाहरण है।भारतीय शिल्प और परंपरा का यह उपहार जापानी प्रथम महिला के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह न केवल सौंदर्य और विलासिता का प्रतीक है, बल्कि दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को भी गहराई से दर्शाता है। पश्मीना शॉल की विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान भारत की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में है।

वैश्विक मंच पर साझेदारी और मजबूत

भारत और जापान की साझेदारी अब केवल द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वैश्विक मंच पर भी दोनों देश नई जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। आर्थिक सहयोग से लेकर जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।विशेषज्ञ मानते हैं कि यह यात्रा चीन और अमेरिका जैसे बड़े देशों के बीच भारत-जापान को एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में स्थापित करती है। इससे भविष्य में दोनों देशों का सहयोग वैश्विक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर गहरा असर डालेगा।

मुख्य बिंदु

  • पीएम मोदी का जापान दौरा ऐतिहासिक और उपलब्धियों से भरा रहा।
  • व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और रक्षा सहयोग पर अहम समझौते हुए।
  • जापानी पीएम को ‘रामेन बाउल्स विद चॉपस्टिक्स’ का अनूठा सेट भेंट।
  • जापानी प्रथम महिला को कश्मीरी पश्मीना शॉल दी गई, जो भारतीय परंपरा का प्रतीक है।
  • एशिया और वैश्विक स्तर पर भारत-जापान की साझेदारी और प्रासंगिक हो गई।
  • दौरे ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन को नई दिशा दी।
  • अब पीएम मोदी जापान के बाद चीन रवाना होकर कूटनीतिक यात्राओं को जारी रखे हुए हैं।
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