
स्वराज इंडिया एक्सक्लूसिव | ब्यूरो रिपोर्ट कानपुर
यूपीएसएसएससी की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) का पहला ही दिन रेलवे प्रशासन के लिए भारी साबित हुआ। शुक्रवार रात से ही सेंट्रल स्टेशन पर अभ्यर्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा। प्लेटफार्म से लेकर कोच तक हर जगह परीक्षार्थियों का कब्ज़ा हो गया। हालत यह रही कि नियमित यात्रियों को बैठने–खड़े होने तक की जगह नहीं मिली।शनिवार सुबह से देर रात तक स्टेशन पर जय श्रीराम और हिप–हिप हुर्रे के नारे गूंजते रहे। परीक्षार्थी जहां जगह मिली, वहीं डेरा जमाए रहे। एसी कोच से लेकर शौचालयों और दरवाजों तक भीड़ ठसाठस भरी रही। कई जगह चेन पुलिंग कर ट्रेनों को रोककर खिड़कियों से अंदर घुस गए। जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अफसर हालात संभालने में पसीना–पसीना हो गए।
विशेष ट्रेनें भीड़ के आगे बेअसर
रेलवे रिकॉर्ड के मुताबिक कानपुर सेंट्रल से रोजाना 90 हजार से डेढ़ लाख यात्री करीब 300 ट्रेनों से सफर करते हैं। लेकिन शनिवार को इसमें अचानक 70 हजार परीक्षार्थी और जुड़ गए। अफसरों ने हालात काबू में लाने के लिए दो लखनऊ और एक प्रयागराज के लिए विशेष ट्रेनें चलाईं। इसके बावजूद प्लेटफार्म 4, 5, 6, 7 और 9 पूरी तरह से भर गए।गाजियाबाद, आगरा, ग्वालियर और लखनऊ से भी सात विशेष ट्रेनें कानपुर पहुंचीं। इन्हें 20–20 मिनट के अंतराल पर प्लेटफार्म पर लिया गया ताकि दबाव कम हो, लेकिन भीड़ का सैलाब थमता नजर नहीं आया।

सुरक्षा के बीच आशियाना बना स्टेशन
हालात बिगड़ने पर रेलवे अफसरों ने प्लेटफार्म नंबर 1, सैलून साइडिंग और फुटओवरब्रिज खाली कराकर वहां अभ्यर्थियों को ठहराने का इंतजाम किया। उनके सामान और सुरक्षा के लिए चार टीमें तैनात की गईं। आरपीएफ की सहेली टीम भी लगातार गश्त करती रही।उप मुख्य यातायात प्रबंधक आशुतोष सिंह ने खुद सीसीटीवी कंट्रोल रूम से 124 कैमरों के जरिए प्लेटफार्मों की निगरानी की। भीड़ बढ़ते ही तुरंत अफसरों को निर्देश दिए गए। कई जगह हंगामे जैसी स्थिति भी बनी।

यात्रियों की फजीहत, ट्रेनें घंटों लेट
पीईटी अभ्यर्थियों के चेन पुलिंग से दिल्ली–हावड़ा, लखनऊ जंक्शन, झांसी और मुंबई रूट की ट्रेनें घंटों लेट रहीं। एसी कोचों में धावा बोलने से कन्फर्म टिकट वालों को भी जगह नहीं मिल पाई। नियमित यात्री परेशान रहे और रेल प्रशासन पूरी रात व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा रहा।
🔴 मुख्य बिंदु
- पीईटी के पहले दिन सेंट्रल स्टेशन पर अभ्यर्थियों का कब्ज़ा।
- प्लेटफार्म से लेकर कोच तक ठसाठस भीड़, यात्रियों की फजीहत।
- कई बार चेन पुलिंग कर ट्रेनें रोकी गईं, खिड़कियों से अंदर घुसे परीक्षार्थी।
- 70 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी, रेलवे के सारे इंतजाम ध्वस्त।
- विशेष ट्रेनें चलाई गईं, लेकिन भीड़ थमने का नाम नहीं लिया।
- सुरक्षा के लिए स्टेशन पर आशियाना बनाया गया, सहेली टीम तैनात।
- चेन पुलिंग से दिल्ली–हावड़ा और अन्य रूट की ट्रेनें घंटों लेट।



