
प्रमुख संवाददाता | स्वराज इंडिया न्यूज़ ब्यूरो
कानपुर देहात के ककवन थाना क्षेत्र के विषधन रहीमपुर गांव में गुरुवार को ड्रग विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान एक मेडिकल स्टोर पर भारी मात्रा में प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद हुआ। अधिकारियों ने मौके पर ही सभी शीशियों कोसीज कर दिया और चार अन्य दवाओं के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
ड्रग विभाग की छापेमारी

ड्रग इंस्पेक्टर रेखा सचान के नेतृत्व में टीम ने कृष्णा मेडिकल हॉल पर छापा मारा। यह स्टोर प्रदीप कुमार के स्वामित्व में संचालित हो रहा था। तलाशी के दौरान टीम को स्टील की टंकी में छिपाकर रखी गई ऑक्सीटोसिन की 255 शीशियां मिलीं। इनमें 100 एमएल की 204 और 30 एमएल की 51 शीशियां शामिल थीं। इनकी कुल कीमत लगभग 10 हजार रुपये आंकी गई है।इसके अलावा टीम ने एक एंटीबायोटिक दवा और एलर्जी की दवा (सिटजिन) समेत कुल चार दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
ऑक्सीटोसिन क्यों है खतरनाक?
ऑक्सीटोसिन एक हार्मोन है जिसे मवेशियों में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए अवैध रूप से लगाया जाता है। हालांकि यह दवा कानूनी रूप से प्रतिबंधित है, लेकिन सस्ते मुनाफे की लालच में कई जगहों पर इसका गलत इस्तेमाल हो रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के उपयोग से
•इंसानों में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है।
•पाचन तंत्र में गंभीर गड़बड़ी हो सकती है।
•छोटे बच्चों की आंखों पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
•गर्भवती महिलाओं और भ्रूण के लिए यह बेहद खतरनाक है।
•लंबे समय तक सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
•इसी कारण सरकार ने इसके निर्माण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगा रखी है।
ग्रामीणों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित दवाओं की उपलब्धता यह दर्शाती है कि विभाग की निगरानी व्यवस्था कमजोर है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि इस तरह की दवाएं यदि खुलेआम बिकेंगी तो बच्चों और परिवारों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराता रहेगा।लोगों ने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
प्रशासन का सख्त रुख
ड्रग इंस्पेक्टर रेखा सचान ने बताया कि बरामद ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को सीज कर लिया गया है। नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्टोर संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा —
“ऑक्सीटोसिन जैसी प्रतिबंधित दवाओं का प्रयोग इंसानों और पशुओं दोनों के लिए घातक है। विभाग ऐसी दवाओं के कारोबार पर कड़ी नजर रख रहा है। किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है कि दूध के माध्यम से जब यह हार्मोन इंसानों तक पहुंचता है तो बच्चों की प्राकृतिक वृद्धि प्रभावित होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह गर्भपात और शिशु के असामान्य विकास जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।विशेषज्ञों ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
