Saturday, August 30, 2025
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मानसून सत्र में विपक्ष के तेवर तीखे, पर ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार! AAP और TMC की दूरी बनी चुनौती

स्वराज इंडिया : न्यूज ब्यूरो / नई दिल्ली,

19 जुलाई 2025
21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ की एक अहम बैठक आज शाम 7 बजे वर्चुअल माध्यम से होने जा रही है। इस बैठक का आयोजन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने किया है। इसका उद्देश्य आगामी सत्र में मोदी सरकार को संसद के भीतर तीखे सवालों और सशक्त रणनीति के ज़रिये घेरना है।

बैठक में डीएमके, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव गुट), राजद, झामुमो, आईयूएमएल और वाम दलों जैसे प्रमुख घटक दल हिस्सा ले रहे हैं। मगर, आम आदमी पार्टी (AAP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की दूरी ने विपक्षी एकता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

AAP ने इंडिया ब्लॉक से बनाई दूरी

AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने स्पष्ट कहा है कि उनकी पार्टी अब इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। उनका कहना है कि यह गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव तक सीमित था, और अब उनकी पार्टी संसद में स्वतंत्र रूप से अपनी आवाज़ उठाएगी।
दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस के साथ सीधे राजनीतिक संघर्ष, सीट बंटवारे को लेकर खींचतान और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई ने आप की रणनीति को प्रभावित किया है। अब पार्टी अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखने पर जोर दे रही है।

TMC का भी ढुलमुल रवैया

वहीं TMC ने बैठक में शामिल न होने का कारण 21 जुलाई को कोलकाता में आयोजित वार्षिक जलसे को बताया है, जो 1993 की पुलिस फायरिंग में मारे गए कार्यकर्ताओं की याद में हर साल आयोजित होता है। लेकिन जानकारों के मुताबिक, असली वजह पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और वामदलों के साथ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा है, जिससे ममता बनर्जी सतर्क रहती हैं।
हालांकि संभावना है कि ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी अंतिम समय में डिजिटल रूप से बैठक में जुड़ सकते हैं, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस की सक्रिय कोशिशें शुरू

कांग्रेस विपक्ष की एकजुटता बनाए रखने को लेकर सक्रिय है। राहुल गांधी ने कई नेताओं से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत की है और केसी वेणुगोपाल ने राज्यों के नेताओं को जोड़ने का प्रयास किया है। बैठक पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर प्रस्तावित थी, लेकिन कई नेताओं की असमर्थता को देखते हुए इसे वर्चुअल कर दिया गया।
बैठक में अखिलेश यादव, एम.के. स्टालिन, तेजस्वी यादव, और झामुमो के प्रतिनिधि भी जुड़ेंगे। उद्धव ठाकरे की भी दिलचस्पी दिखाई दे रही है और वे आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली आने को तैयार हैं।
राहुल गांधी की रणनीति है कि संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’, बिहार की मतदाता सूची में हेरफेर, और जनहित से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाया जाए। विपक्ष की योजना है कि संसद के अंदर और बाहर इन मुद्दों को गरमा-गरम बनाए रखा जाए ताकि सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ाया जा सके।

लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यही है कि विपक्षी गठबंधन के कई दल राज्यों में एक-दूसरे के विरोधी हैं। जैसे कि ममता बनर्जी और अखिलेश यादव अपने-अपने राज्यों में कांग्रेस को कमजोर करने की रणनीति पर काम करते हैं, जबकि राष्ट्रीय मंच पर कांग्रेस के साथ खड़े होते हैं। यह ‘राजनीतिक मजबूरी’ ही विपक्ष की सबसे बड़ी कमजोरी बनती दिख रही है।

AAP और TMC की दूरी से विपक्ष की धार कमजोर

अगर TMC भी आखिरी वक्त पर बैठक से दूर रहती है, तो विपक्षी खेमे की एकजुटता को बड़ा झटका लगेगा। वहीं बीजेपी इस फूट को भुनाने का कोई मौका नहीं छोड़ेगी।
फिर भी कांग्रेस को भरोसा है कि संसद में विपक्ष की आवाज़ एकजुट होकर सरकार से जवाब मांगेगी और मानसून सत्र में एक संगठित हमले की रणनीति सफल होगी।
अब सबकी निगाहें आज की बैठक पर हैं—क्या ममता या अभिषेक बनर्जी शामिल होंगे? क्या AAP का रुख बदलेगा? इन सवालों के जवाब ही तय करेंगे कि क्या ‘इंडिया ब्लॉक’ संसद में एकजुटता दिखा पाएगा या फिर विरोध की आवाज़ें आपसी फूट में दब जाएंगी।

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