Friday, February 13, 2026
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महोबा: धोखे और भय के बीच फंसी युवती का दर्दनाक अंत

दहेज केस की जांच बनी जाल… मजबूरी का फायदा पुलिस कर्मी ने उठाया, मौत का शिकार हुई किरन

स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो/महोबा। यूपी के महोबा जिले में दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराने गई एक विवाहित महिला यह कभी नहीं जानती थी कि न्याय की तलाश में उठाया गया कदम ही उसकी जिंदगी को एक दर्दनाक मोड़ पर पहुँचा देगा। महोबा जिले में सामने आई यह दिल दहला देने वाली घटना न सिर्फ पुलिस तंत्र पर सवाल खड़े करती है, बल्कि महिलाओं की मजबूरी, विश्वास और उनके साथ होने वाले छल का भयावह चेहरा भी उजागर करती है।
सीआरपीएफ में तैनात विनोद की पत्नी किरन सिंह घर में दहेज को लेकर मानसिक तनाव झेल रही थी। इंसाफ पाने की उम्मीद में उसने कबरई थाने में शिकायत की। लेकिन जांच अधिकारी बने 2023 बैच के सब-इंस्पेक्टर अंकित यादव ने कानून की रक्षा की बजाय उसी महिला की मजबूरी को अपना हथियार बना लिया।
जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान अंकित ने किरन के घर-परिवार की स्थिति, उसके अकेलेपन और मजबूरी का फायदा उठाते हुए उससे नजदीकी बढ़ानी शुरू कर दी। किरन, जो पहले ही मानसिक दबाव से जूझ रही थी, धीरे-धीरे अंकित के जाल में फंसती चली गई। लेकिन ये रिश्ता एकतरफा लालसा और दबाव पर टिका था, जिसमें किरन की भावनाओं, इज्जत और सुरक्षा का कोई स्थान नहीं था।
किरन ने समय बीतने के साथ अंकित से दूरी बनाने की कोशिश की, पर उसी ने धमकियों का सहारा लेकर उसे डराना शुरू कर दिया।
किरन लगातार भय, तनाव और असुरक्षा में जी रही थी।
न इंसाफ मिल पा रहा था, न ही वह उस जाल से बाहर निकल पा रही थी जिसे बनाने वाला वही व्यक्ति था जो उसकी शिकायत की जांच कर रहा था।

12 नवंबर की रात विश्वासघात की चरम सीमा पार

घटना वाली रात किरन और अंकित के बीच विवाद बढ़ा। आरोपी उसे सुनसान इलाके में ले गया। पानी पीने के बहाने कार से नीचे उतरी किरन को यह अंदाजा भी नहीं था कि उसके विश्वास का जवाब मौत के रूप में मिलेगा।
अचानक अंकित ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया।
एक नहीं, कई वार…
और किरन ने वहीं दम तोड़ दिया। यह सिर्फ हत्या नहीं थी यह एक मजबूर महिला के विश्वास, सुरक्षा और उम्मीद की बेरहमी से हत्या थी।

आरोपी एसआई गिरफ्तार, पुलिसकर्मी का काला चेहरा उजागर

पुलिस ने आरोपी एसआई अंकित यादव को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त रॉड बरामद कर ली है। अंकित की पृष्ठभूमि ने मामले को और चर्चाओं में डाल दिया है। उसके पिता स्वयं पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और परिवार प्रयागराज में रहता है।
कानून की रखवाली की शपथ लेने वाला एक पुलिसकर्मी अपनी ही शक्ति का दुरुपयोग करके एक महिला की कमजोरी और डर का फायदा उठाता रहा, यह तथ्य समाज में गहरी चोट छोड़ रहा है।

किरन के परिजनों में आक्रोश ‘धोखे से की गई हत्या, इंसाफ चाहिए

किरन के परिवार ने इसे सोची-समझी साजिश और विश्वासघात बताकर आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग की है। उनके मुताबिक, “किरन न्याय के लिए पुलिस के पास गई थी… लेकिन वहीं उसके धोखे और डर का फायदा उठाकर उसकी जान ले ली गई।” ऐसे लोगों का सरकारी सिस्टम से भरोसा उठ जाएगा।

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