
लेह, 24 सितंबर।
लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची लागू करने की मांग पर चल रहा आंदोलन बुधवार को हिंसक हो गया। लेह की सड़कों पर आगजनी और पथराव हुआ। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने कड़ी पाबंदियाँ लागू कर दीं। इसी बीच सोनम वांगचुक ने 15 दिन पुरानी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
भूखहड़तालियों की तबीयत बिगड़ते ही भड़का गुस्सा
लद्दाख एपेक्स बॉडी की युवा शाखा की ओर से भूखहड़ताल चल रही थी। 15 कार्यकर्ताओं में से दो की हालत बिगड़ने पर उन्हें मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद युवाओं ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया और भाजपा कार्यालय व हिल काउंसिल मुख्यालय पर पथराव कर दिया।
आगजनी और तोड़फोड़ से तनाव
प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर आगजनी की जिससे शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। चारों ओर धुआँ फैल गया और लोगों में दहशत का माहौल रहा।
प्रशासन ने लगाई धारा 163
बढ़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। पाँच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हिंसा रोकने की अपील
सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल तोड़ते हुए युवाओं से हिंसा छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा—
“यह हिंसा हमारे उद्देश्य को कमजोर करती है और लद्दाख व देश को अस्थिर करती है।”
उन्होंने सोशल मीडिया पर भी वीडियो संदेश जारी कर शांतिपूर्ण आंदोलन का आग्रह किया।



