
राजनीति में कई नेताओं से आपसी मतभेद के बावजूद मनभेद न होने की मिसाल रही
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मेयर प्रमिला पांडेयसहित कई बड़े नेताओं ने दी अंतिम विदाई
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो कानपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन ने कानपुर की राजनीतिक दुनिया को गहरे शोक में डाल दिया है। उनके गोलोकवासी होने के बाद जिस तरह शहर की राजनीति में वर्षों से आमने-सामने रहे नेता विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना श्रद्धांजलि देने पहुंचे, वह राजनीतिक मर्यादा की एक बड़ी मिसाल बन गई। इसमें अलावा कई बड़े नेता और समाजसेवी सहित शहरवासी उनकी अंतिम विदाई में शामिल हो हुए।
साल 1993 में छावनी विधानसभा से सतीश महाना के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले श्रीप्रकाश जायसवाल तब हार गए थे। इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कानपुर नगर सीट से चौथी बार चुनाव लड़ते हुए तत्कालीन विधायक सतीश महाना को मात दी और अपनी जीत की हैट्रिक पूरी की। दोनों के समर्थकों के बीच उस चुनाव के दौरान तनाव इतना बढ़ा कि फूलबाग में आयोजित एक टीवी चैनल की डिबेट हंगामे के चलते बीच में ही रोकनी पड़ी।
सतीश महाना कई बार सार्वजनिक रूप से श्रीप्रकाश जायसवाल के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाते रहे। सीओडी पुल पूरा न होने पर उन्होंने प्रतीकात्मक तौर पर केक काटकर तंज भी कसा था। लेकिन आज जब श्रीप्रकाश जायसवाल अब इस दुनिया में नहीं रहे, तो राजनीति की सारी दूरियां पीछे छूट गईं।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना स्वर्गीय श्रीप्रकाश जायसवाल के पोखरपुर स्थित आवास पहुंचे, उनके पार्थिव शरीर को नमन किया और श्रद्धासुमन अर्पित किए। महाना ने कहा कि राजनीति में मतभिन्नता हो सकती है, पर मनभेद नहीं होना चाहिए और श्रीप्रकाश जायसवाल इस सिद्धांत की जीवंत मिसाल थे।
कानपुर ने एक संवेदनशील, सहज और मिलनसार जननेता खो दिया। शहर में शोक की लहर है, और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी तक आज श्रद्धा के साथ उन्हें स्मरण कर रहे हैं।




