
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
कानपुर। कानपुर महानगर कांग्रेस और कानपुर नगर ग्रामीण कांग्रेस की संयुक्त प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था को जमकर आड़े हाथों लिया गया। प्रेसवार्ता में महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता और नगर ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि योगी सरकार के आठ साल के कार्यकाल में प्रदेश और खासकर कानपुर की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
संदीप शुक्ला ने कहा कि कानपुर ग्रामीण में अपराध के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। शायद ही कोई थाना बचा हो, जहां प्रतिदिन कोई न कोई जघन्य अपराध न होता हो। उन्होंने कहा कि जो सामाजिक अपराध पहले खत्म हो चुके थे, वे भी भाजपा सरकार में फिर से बढ़ने लगे हैं—जैसे दलितों की बारातों पर हमले, महिलाओं पर अत्याचार और जमीन कब्जा से जुड़े अपराध।

पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्रा ने आरोप लगाया कि कानपुर में संगठित अपराधियों के अलग-अलग गिरोह सक्रिय हैं, जो खुलेआम लोगों को लूट रहे हैं और पार्क की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। वहीं जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने अखिलेश दुबे जैसे बड़े माफिया को पकड़ा, लेकिन सवाल यह है कि पूर्व अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर सके? इससे साफ है कि सरकार से जुड़े लोगों का संरक्षण ऐसे माफियाओं को प्राप्त रहा।
पूर्व अध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है और अपराधियों में कानून का डर खत्म हो चुका है। शर्मनाक स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री अपराधियों की पहचान जाति और धर्म के आधार पर करते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि कानपुर और प्रदेश भर में अपराध और अराजकता का बोलबाला है, कानून का राज खत्म हो चुका है। ऐसे में मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।