
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो ।
उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा मोड़ आया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के चर्चित नेता और सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हाजी इरफान सोलंकी मंगलवार को 34 महीने बाद महराजगंज जेल से रिहा हो गए।
इरफान 2 दिसंबर 2022 से जेल में बंद थे। सुबह 10 बजे उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ के कारण इसमें देरी हुई। शाम तक सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वे जेल से बाहर आए। इस दौरान उनकी पत्नी और मौजूदा विधायक नसीम सोलंकी ने रिहाई प्रक्रिया में सहयोग किया।
जेल परिसर के बाहर सुबह से ही सपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी रही। फूल-मालाओं और नारों के साथ समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। रिहाई के बाद इरफान ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा—
“यह आज़ादी सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि उन तमाम साथियों की है जो अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं।”
मुकदमों और जमानत की कहानी
इरफान सोलंकी पर आगजनी, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट सहित 10 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। दिसंबर 2022 में जाजमऊ थाने के आगजनी केस में उन्हें 7 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके चलते उनकी विधायकी भी समाप्त हो गई थी।
मार्च 2025 में रंगदारी मामले में उन्हें जमानत मिली और 25 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के अंतिम मामले में भी उन्हें, उनके भाई रिज़वान सोलंकी और अन्य सहयोगियों को जमानत दे दी।
रिहाई से ठीक पहले ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सवाल पूछे, लेकिन कोई नई बाधा नहीं बनी। इरफान की करीब 30 करोड़ की संपत्ति पहले ही जब्त की जा चुकी है।
परिवार का संघर्ष और राजनीतिक हलचल
इस दौरान इरफान की पत्नी नसीम सोलंकी ने सीसामऊ सीट से जीत दर्ज कर राजनीतिक विरासत को संभाला। वहीं उनके भाई रिज़वान भी 29 सितंबर को कानपुर जेल से बाहर आ चुके हैं।
इरफान की रिहाई को लेकर कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह “राजनीतिक साज़िशों पर जीत” है।

सपा की ताकत में बढ़ोतरी
अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले इरफान की रिहाई, हाल ही में आज़म खान की रिहाई के बाद सपा को बड़ा सहारा मानी जा रही है। माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनावों में सीसामऊ और आसपास की सीटों पर समीकरण बदल सकते हैं।
जेल से बाहर आते ही इरफान ने कहा—
“जेल ने मुझे मजबूत बनाया है, अब मैं जनसेवा के लिए तैयार हूं।”
उनके समर्थन में “इरफान जिंदाबाद” के नारे गूंजे। सुरक्षा को देखते हुए जेल परिसर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।


