
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | नई दिल्ली/दोहा।
कतर की राजधानी दोहा सोमवार को एक रहस्यमयी धमाके से दहल गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह धमाका पेजर जैसे डिवाइस में हुआ, जिसे कथित तौर पर हमास के एक वरिष्ठ नेता तक पहुँचाने की कोशिश की जा रही थी। हालाँकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस हमले का निशाना कौन-सा शीर्ष हमास नेता था।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कतर सरकार ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटक डिवाइस दोहा तक कैसे पहुँचा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से हमास नेतृत्व पर लगातार बाहरी हमले हो रहे हैं। हाल ही में लेबनान और सीरिया में भी संगठन से जुड़े नेताओं को निशाना बनाया गया था। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला भी उसी श्रृंखला की कड़ी हो सकता है।
मध्य-पूर्व मामलों के जानकारों का कहना है कि इस प्रकार का पेजर अटैक नई रणनीति हो सकती है, जिसमें छोटे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को विस्फोटक में बदलकर नेताओं तक पहुँचाया जा रहा है। इससे न केवल सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक उजागर होती है बल्कि यह भी संकेत मिलता है कि हमास नेतृत्व अब सुरक्षित देशों तक में पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
कतर सरकार ने आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी संगठन या देश पर आरोप नहीं लगाया है, लेकिन दोहा में हुए इस धमाके ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल तेज कर दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह हमला वाकई हमास नेता को निशाना बनाने के लिए था, तो आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की राजनीतिक और सुरक्षा परिस्थितियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।


