
स्वराज इंडिया ब्यूरो | नई दिल्ली।
रेलवे टिकटों की बुकिंग में दलालों और सॉफ्टवेयर माफियाओं के जरिए होने वाले फर्जीवाड़े पर अब सख्ती से लगाम लगाई जाएगी। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने 1 अक्टूबर से टिकट बुकिंग के नए नियम लागू करने का ऐलान किया है। इस बदलाव का सीधा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा।
क्या है नया नियम?
अब IRCTC प्लेटफॉर्म पर टिकट बुकिंग का प्राथमिक अधिकार आम यात्री को मिलेगा। यानी तेज़-तर्रार सॉफ्टवेयर और दलालों के जरिए जो टिकट तुरंत खींच लिए जाते थे, उस पर रोक लगेगी। IRCTC का कहना है कि तकनीकी अपग्रेडेशन और नए सुरक्षा फिल्टर के बाद पहले टिकट बुकिंग की खिड़की आम उपभोक्ताओं के लिए खुलेगी। इसके बाद ही एजेंट और अन्य श्रेणियों को मौका मिलेगा।
क्यों ज़रूरी था बदलाव?
त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में आम यात्री को टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो जाता था।
महंगे सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर दलाल बड़ी संख्या में टिकटें बुक कर लेते थे।
यात्रियों को मजबूरी में ऊंचे दाम पर टिकट खरीदने पड़ते थे।

क्या होगा असर?
आम यात्रियों को राहत: बुकिंग के शुरुआती समय में टिकट तक पहुंच आसान होगी।
दलालों की कमाई पर चोट: एजेंटों और माफियाओं की पकड़ कमजोर होगी।
सिस्टम की पारदर्शिता: रेलवे पर यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा।
विशेषज्ञों की राय
रेलवे से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि यात्रियों को प्राथमिकता देने का एक मजबूत संदेश है। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि नियमों की सख्ती के साथ-साथ निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा, तभी इसका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचेगा।
कुल मिलाकर, 1 अक्टूबर से लागू होने वाला यह नया नियम रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। अब सवाल यह है कि यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती से लागू होगी और दलाल किस हद तक इसे चकमा देने की कोशिश करेंगे।


