
चेन्नई | स्वराज इंडिया दिल्ली डेस्क 📍
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के थिरुपुरुर के पास सोमवार रात एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर दिया। सात वर्षीय केविन अपने पिता की गोद में कार की आगे की सीट पर बैठा था, जब अचानक खुला एयरबैग उसकी जान का दुश्मन बन गया।घटना कलपक्कम के पासपुडुपट्टिनम गांव निवासी वीरमुथु के परिवार के साथ हुई। परिवार किराए की कार से चेन्नई जा रहा था। ओल्ड महाबलीपुरम रोड पर अलाथुर पेट्रोल पंप के पास, उनके आगे चल रही एक कार के ड्राइवर ने बिना इंडिकेटर दिए अचानक ब्रेक लगाई और दाईं ओर मुड़ गया।पीछे चल रही कार, जिसे 26 वर्षीय विग्नेश चला रहा था, समय रहते नहीं रुक सकी और आगे की कार से टकरा गई। टक्कर के साथ ही एयरबैग खुला और झटके में मासूम केविन को जा लगा।परिजन उसे तुरंत तिरुपुर सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जांच में पता चला है कि झटके से केविन को सिर और छाती पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में लापरवाही साबित, अब उठे सुरक्षा के बड़े सवाल
पुलिस ने बताया कि हादसे का मुख्य कारण आगे चल रही कार के ड्राइवर की लापरवाही थी, जिसने इंडिकेटर का इस्तेमाल किए बिना तेज गति में ब्रेक लगाई। आरोपी ड्राइवर सुरेश (48), निवासी पैयनूर, के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और मौत का कारण बनने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा किएयरबैग के झटके से बच्चे की मौत तत्काल हुई या आंतरिक चोटों के कारण।पुलिस का कहना है कि एयरबैग वयस्कों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किए जाते हैं, और किसी भी स्थिति में बच्चों को आगे की सीट पर बैठाना घातक साबित हो सकता है।वाहन सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी चेताया है कि इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए लोगों को बच्चों को पीछे की सीट पर सीटबेल्ट के साथ बैठाना चाहिए।
मुख्य बिंदु 📌
- चेन्नई के थिरुपुरुर में कार हादसे में 7 वर्षीय केविन की मौत
- एयरबैग खुलने से बच्चे को गंभीर चोट, अस्पताल में मृत घोषित
- आरोपी ड्राइवर ने बिना इंडिकेटर दिए अचानक ब्रेक लगाई
- पुलिस ने लापरवाही से मौत का मुकदमा दर्ज किया
- विशेषज्ञ बोले “बच्चों को आगे की सीट पर बिठाना बेहद खतरनाक”



