
9 अक्टूबर को लखनऊ में होगा विशाल धरना-प्रदर्शन
प्रमुख संवाददाता स्वराज इंडिया
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आज नगर निगम लखनऊ स्थित कार्यकारिणी सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने की। इसमें प्रदेशभर की इकाइयों—लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, गोरखपुर सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्षों से लंबित 13 सूत्रीय मांगपत्र पर ठोस कार्रवाई न होने के विरोध स्वरूप आगामी 9 अक्टूबर 2025 को लखनऊ हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया जाएगा।
महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर आदेश जारी नहीं हुए तो उसी दिन से प्रदेशभर के निकाय कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्यबंदी पर चले जाएंगे।

प्रमुख लंबित मांगें
- निकाय कर्मचारियों की अकेन्द्रीयित सेवा नियमावली का प्रख्यापन।
- आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा व न्यूनतम वेतनमान।
- वर्ष 2001 तक सेवारत दैनिक वेतन/संविदा व धारा-108 पर कार्यरत कर्मचारियों का विनियमीकरण।
- लिपिक व राजस्व संवर्ग की वेतन विसंगतियों का निस्तारण व उच्चीकरण।
- सफाई संवर्ग सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सेवाकाल में तीन पदोन्नति अवसर।
- पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेस इलाज व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की बहाली।
आंदोलन की सफलता के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलेगा
महासंघ ने यह भी तय किया कि आंदोलन की सफलता के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत 8 सितम्बर 2025 को गाजियाबाद इकाई से होगी और सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायतों व जलकल संस्थानों में कर्मचारियों को एकजुट किया जाएगा।
बैठक में महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी रमाकांत मिश्र, राकेश अग्निहोत्री, मुन्ना हजारिया सहित प्रदेशभर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।