
बहराइच, स्वराज इंडिया न्यूज़। बहराइच के महाराजगंज में हुई हिंसा मामले में उपद्रवियों पर चारों ओर से शिकंजा कसना शुरू हो गया है। पुलिस-प्रशासन हिंसा के उपद्रवियों घरों पर बुलडोजर चलाएगी। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। प्रशासन की टीम ने 23 घरों के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है। इसमें बहराइच हिंसा का मुख्य आरोपी अब्दुल का घर भी शामिल है। चर्चा है कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। दरअसल प्रशासन ने उन मकानों के बाहर नोटिस लगाया है, जहां सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण कराया गया है। इन लोगों को पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने तीन दिन की मोहलत दी है। तीन दिन के अंदर अगर सरकारी जगह से कब्जा नहीं हटाया गया तो यहां बुलडोजर चलाया जा सकता है। प्रशासन की नोटिस के बाद से ही लोगों में हड़कंप मचा है।
प्रधान पति दे रहा था गोपाल के हत्यारों को संरक्षण
महराजगंज में रामगोपाल मिश्रा हत्या कांड के मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को कोतवाली नानपारा के हाड़ा बसेहरी स्थित नहर के निकट से आरोपी अब्दुल हमीद, बेटे सरफराज उर्फ रिंकू, मोहम्मद तालिब और फहीम को सीओ महसी रवि खोखर के नेतृत्व में एसओ हरदी कमल शंकर चतुर्वेदी की टीम ने गिरफ्तार किया। घटनास्थल से 12 बोर एसबीएल बंदूक जिंदा कारतूस और एक खोखा भी बरामद किया था। लेकिन इन चारों के अलावा पांचवे आरोपी मोहम्मद अफजल उर्फ कल्लू पुत्र अनवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो आरोपियों को संरक्षण देने का काम कर रहा था। यह ग्राम पंचायत जोतचांदपारा की ग्राम प्रधान अफरोज का पति है। यह अपराधियों के आने-जाने व रुकने के ठिकानों की जानकारी रखता था। प्रधान पति ने पुलिस को अपराधियों तक पहुंचाने में सहयोग किया। ऐसे में दंगा में संलिप्तता और अपराधियों को संरक्षण देने के जुर्म में प्रधान पति को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

हिंसा के अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार
बहराइच जिले के महाराजगंज इलाके में 13 अक्टूबर को हुई साम्प्रदायिक हिंसा के पांच आरोपियों को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपियों को पुलिस ने हॉफ एनकाउंटर करके पकड़ा है। पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने बताया था कि पकड़े गये आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। उन्होंने बताया, ‘सरफराज उर्फ रिंकू और तालीम उर्फ सबलू को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी के लिए गयी तो वहां हिंसा में इस्तेमाल की गयी ‘डबल बैरल’ बंदूक रखी थी। वहां एक और अवैध असलहा भी था।”शुक्ला ने दावा किया, ‘आरोपियों ने उसी ‘डबल बैरल’ बंदूक से पुलिस पर गोलियां चलायीं। आत्मरक्षा में पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में सरफराज और तालीम को गोली लगी है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।’ उन्होंने कहा, ”बाकी तीन आरोपी अब्दुल हमीद, उसका बेटा फहीम तथा मोहम्मद अफजल को भी गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी से पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाकर उनकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

सीओ, एसएचओ, चौकी प्रभारी के बाद तहसीलदार पर भी कार्रवाई
बहराइच हिंसा में लापरवाही बरतने वाले तीन पुलिस कर्मियों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। सरकार ने सीओ, एसएचओ और चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है। शुक्रवार को महराजगंज उपद्रव मामले में महसी के तहसीलदार पर सातवें दिन गाज गिर गई। मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान लापरवाही बरतने पर तहसीलदार को भी हटा दिया गया है। तहसीलदार रविकांत द्विवेदी को जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया, जबकि वहां तैनात नायब तहसीलदार को महसी तहसील का प्रभार सौंपा गया है।