
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति देते हुए NDA सांसदों को एक अनोखा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारी सीजन में सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में स्वदेशी मेलों का आयोजन करें और जनता को ‘मेड इन इंडिया’ वस्तुओं को अपनाने के लिए प्रेरित करें। पीएम मोदी ने इसे ‘स्वदेशी-GST’ का मंत्र करार दिया और कहा कि यह अभियान स्थानीय कारीगरों, छोटे व्यापारियों और भारतीय उद्योगों के लिए नई ऊर्जा बनेगा।
त्योहारों में स्वदेशी का संदेश
पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि नवरात्रि से लेकर दिवाली तक ‘गर्व से कहो, यह स्वदेशी है’ थीम पर मेले आयोजित किए जाएं। इनमें स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और MSME सेक्टर की वस्तुओं को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगी बल्कि जनता को भारतीय संस्कृति से भी जोड़ेगी।
GST सुधारों को बताया ‘डबल धमाका’
प्रधानमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए GST सुधारों को स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा सुधार बताते हुए कहा कि यह देश की अर्थव्यवस्था को सरल और जनता-हितैषी बनाने वाला कदम है। उन्होंने कहा – “यह सुधार आत्मनिर्भर भारत को सहारा देने और गति देने वाली दोहरी खुराक है। दिवाली से पहले यह खुशियों का डबल धमाका है।”
नए सुधारों में कर ढांचे को आसान किया गया है। अब मुख्यतः दो ही दरें होंगी –
5 प्रतिशत : आम उपभोग की वस्तुओं पर
18 प्रतिशत : सामान्य वस्तुओं पर
वहीं विलासिता और हानिकारक उत्पादों पर 40 प्रतिशत विशेष कर लगाया जाएगा।

जनता से सीधा संवाद : ‘टिफिन मीटिंग’
प्रधानमंत्री ने सांसदों को सुझाव दिया कि वे महीने में एक बार अपने क्षेत्र की हर विधानसभा में जाकर ‘टिफिन मीटिंग’ आयोजित करें। इसमें जनता से आमने-सामने संवाद कर उनकी समस्याओं को समझें और समाधान तलाशें।
व्यापक स्वागत
भाजपा संसदीय बोर्ड ने इन सुधारों को ऐतिहासिक बताते हुए प्रस्ताव पारित किया है। वहीं संघ से जुड़े संगठन स्वदेशी जागरण मंच और भारतीय मजदूर संघ ने इसे “साहसी और जनहितैषी फैसला” कहा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी स्पष्ट किया कि इन सुधारों से कर बोझ कम होगा और किसानों से लेकर MSME तक को राहत मिलेगी।


