
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो, कानपुर | नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की देरी पर लगाम कसने के लिए मेयर प्रमिला पांडेय ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय के समिति कक्ष में आयोजित बैठक में महापौर और नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब नागरिकों को प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराना निगम की पहली प्राथमिकता होगी।
मेयर प्रमिला पांडेय ने कहा कि सबसे ज्यादा शिकायतें जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों से संबंधित होती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस काम में किसी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तय समय सीमा में प्रमाण पत्र जारी होंगे
नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने कहा कि अब प्रमाण पत्र जारी करने की स्पष्ट समय सीमा तय कर दी गई है—
21 दिन के भीतर दर्ज मामलों के प्रमाण पत्र : 24 घंटे में जारी होंगे।
21 दिन से 1 वर्ष पुराने मामले : 4 से 5 दिन में निपटाए जाएंगे।
1 वर्ष से अधिक पुराने मामले : 10 से 15 दिन में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सुधीर कुमार ने बताया कि सभी आवेदन अब ऑनलाइन दर्ज होंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे और रिकॉर्ड व्यवस्थित हो। इसके अलावा—
एक वर्ष से पुराने मामलों की सूची हफ्ते में दो बार अपर नगर मजिस्ट्रेट को भेजी जाएगी।
सभी जोनल अधिकारी हर सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जिसमें प्राप्त, जारी और लंबित आवेदनों का विवरण होगा।
सभी जोनों में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, जिन पर जरूरी दस्तावेजों की सूची और संबंधित अधिकारी का मोबाइल नंबर अंकित होगा।

बैठक में शामिल अधिकारी
बैठक में अपर नगर आयुक्त मो. अवेश, जगदीश यादव, जोन-1 के विद्या सागर यादव, जोन-2 के विजय कुमार, जोन-3 के सी.पी. सिंह, जोन-4 के राजेश सिंह, जोन-5 के अनुपम त्रिपाठी, जोन-6 के रवि शंकर यादव समेत नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नगर निगम की इस नई कार्ययोजना से नागरिकों को समय पर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने में बड़ी राहत मिलेगी। अब लोगों को महीनों तक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व जवाबदेह होगी। यह कदम न केवल शिकायतों को कम करेगा बल्कि नागरिकों का भरोसा भी मजबूत करेगा।