
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार देर रात बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई। हादसा थराली तहसील के अंतर्गत रात करीब 1 से 2 बजे के बीच हुआ। अचानक आसमान से आफत बरसी और देखते ही देखते स्थानीय नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इस आपदा से सागवाड़ा और चेपड़ों गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि थराली तहसील मुख्यालय से महज एक किलोमीटर के दायरे में कई जगहों पर भारी तबाही हुई है। गांवों की पगडंडियां और संपर्क मार्ग पानी व मलबे में बह गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गईं, जबकि कई घरों में पानी और मलबा घुसने से ग्रामीणों को रातभर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।

प्रशासन अलर्ट पर
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तुरंत एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस को राहत व बचाव कार्य में लगाया। प्रभावित इलाकों में पहुंचकर टीमों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया। ग्रामीणों को प्राथमिक जरूरतों – भोजन, पानी और अस्थायी आश्रय – की व्यवस्था की जा रही है।
लोगों में दहशत
रात के समय बादल फटने से लोग पूरी तरह सहम गए। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक भयानक गर्जना हुई और तेज पानी के साथ पहाड़ से मलबा बहकर गांव में घुस आया। कई घरों की दीवारें दरक गईं और सड़कें मलबे से भर गईं। लोगों का कहना है कि अगर यह घटना दिन में होती, तो जनहानि भी अधिक हो सकती थी।

नुकसान का आकलन जारी
फिलहाल प्रशासन ने राहत कार्य को प्राथमिकता दी है। प्रभावित गांवों का सर्वेक्षण कर कितना नुकसान हुआ है, इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई हेक्टेयर खेत बर्बाद हो गए हैं और कुछ मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित गांवों के लिए त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
