
सदर कोतवाली पुलिस, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम ने 3.25 लाख रुपये कीमत के 28 किलो गांजे सहित दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। ये लोग उड़ीसा से गांंजा लाकर यहां फुटकर में बिक्री करने का कारोबार करते थे। पुलिस ने इनके पास से एक कार, दो मोबाइल, 15 हजार की नकदी बरामद की है।
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि सर्विलांस प्रभारी त्रदीप सिंह, सदर कोतवाल कपिल दुबे, एसओजी प्रभारी कमल भाटी ने संयुक्त अभियान में 17 जनवरी की शाम को ईदगाह पनवारा रोड से आ रही एक कार को रोका। कार में सवार इंदरगढ़ क्षेत्र के गांव जोगनीपुरवा निवासी देवेंद्र सिंह, सदर कोतवाली के गांव मंगलीपुरवा रूदौली निवासी बदन सिंह यादव को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर कार में 28 किलो गांजा बरामद किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह उड़ीसा से चार हजार रुपये किलोग्राम के हिसाब से गांजा खरीदकर यहां ट्रेन से लाते हैं। इसके बाद 12 हजार रुपये किलोग्राम के हिसाब से यहां फुटकर में बिक्री करते थे। वह लोग काफी समय से गांजा का कारोबार कर रहे थे। दोनों के खिलाफ सदर कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया।
एसपी ने बताया कि गिरोह के सरगना देवेंद्र के खिलाफ जानलेवा हमले सहित पांच मुकदमे दर्ज हैं। बदन सिंह के खिलाफ गैंगस्टर सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसके बारे में पता लगाया जा रहा है। उन्होंने गांजा बरामद कर तस्करों को पकड़ने वाली टीम की सराहना की।
गांजा की गो-गो सिगरेट पीकर बर्बाद हो रहे युवा
पहले गांजा ज्यादतर साधु व बाबा किस्म के लोग ही पीते थे, लेकिन नई पीढ़ी को भी इसकी लत लग चुकी है। प्यूरीफाइड गांजा तैयार कर 50 ग्राम की पुड़ियों में फुटकर में ढाबों व दुकानों पर बेचा जा रहा है। 50 ग्राम गांजा 150 रुपये में बिक रहा है। गो-गो की खाली सिगरेट की डिब्बी 10 रुपये में मिलती है। युवक सिगरेट की तंबाकू निकालकर इसमें गांजा मिलाकर गो- गो सिगरेट के अंदर भरकर पीते है। कम लागत में नशा अच्छा होता है। इसके चलते युवा इसका अधिक उपयोग करने लगे है। इस कारण गांजे की डिमांड बढ़ती जा रही है।


