गर्मी में बच्चों की सहूलियत के लिए स्कूल टाइमिंग बदलने की मांग हुई तेज
प्रचंड गर्मी को देखते हुए एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने स्कूल समय परिवर्तन हेतु प्रमुख सचिव को लिखा पत्र
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
लखनऊ/कानपुर। प्रचण्ड गर्मी से हाहाकार हुआ है, घरों से निकलना भी अब दुश्वार हुआ है लेकिन नन्हें मुन्ने बच्चों के परिषदीय स्कूल का समय अभी भी दोपहर दो बजे तक ही चल रहा है। विभिन्न शिक्षक संगठनों एवं अभिभावकों द्वारा स्कूल के समय में परिवर्तन किए जाने की लगातार मांग करने के बावजूद भी स्कूल का समय परिवर्तित नहीं किया जा रहा है।
प्रचंड गर्मी के प्रकोप को देखते हुए विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के लिए समय परिवर्तन की मांग प्रमुख सचिव से की है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल इस समय भीषण गर्मी में भी दोपहर दो बजे तक संचालित हो रहे हैं। 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच दोपहर दो बजे तक बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। बच्चे कड़ी धूप और गर्म हवा के थपेड़े सहते हुए घर पहुंचते हैं जिससे उनका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है। लिहाजा इस प्रचंड गर्मी को देखते हुए कुछ जिलों में बीएसए ने अपने स्तर से छुट्टी का समय घटाया भी था परन्तु बेसिक शिक्षा निदेशक ने इसे अनुचित बताते हुए पुनः दो बजे छुट्टी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मान्यता प्राप्त शासकीय एवं अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में ग्रीष्मकाल में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 7.30 से 12.30 बजे तक पढ़ाई का समय निर्धारित है। इसके विपरीत बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक खोले जाने के निर्देश हैं जबकि परिषदीय स्कूलों में अत्यधिक छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं। ऐसे में बच्चों के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुये अभिभावकों द्वारा भी बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में भी दोपहर 12.30 बजे तक छुट्टी करने की मांग भी निरंतर की जा रही है। अतः आप उपरोक्त प्रकरण पर विचार करते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में समय परिवर्तित करने का निर्देश प्रदान करें।
शिक्षकों का भी कहना है कि स्कूल का समय सुबह साढ़े सात से अधिकतम साढ़े 12 बजे तक का होना चाहिए। भीषण गर्मी से दोपहर के समय तेज धूप के चलते स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों का बुरा हाल हो


