
अपराधी को छूते ही फोन आने लगते थे, पुलिस स्मृति दिवस पर CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला
योगी का विपक्ष पर वार, पुलिसकर्मियों को सौगात, मोटरसाइकिल भत्ता ₹700 से बढ़कर ₹1000
लखनऊ से योगी का दो टूक संदेश, अपराध पर जीरो टॉलरेंस और पुलिस जवानों के भत्तों में इजाफा
विपक्ष पर बरसे CM योगी, सिपाही से PPS अधिकारी तक भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान
पुलिस स्मृति दिवस पर योगी का सियासी प्रहार, शहीदों को नमन और जवानों के लिए तीन बड़े ऐलान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पहले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर पुलिस अधिकारियों पर ही दबाव बनाया जाता था। मुख्यमंत्री ने मौजूदा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इनमें फील्ड ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता, आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता तथा पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों का वर्दी भत्ता बढ़ाना शामिल है।
‘अपराधियों पर कार्रवाई होती थी तो फोन आने लगते थे’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों के कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाया जाता था। उनके मुताबिक, अपराधियों के खिलाफ कदम उठाने पर सत्ता के प्रभावशाली लोगों के फोन आने लगते थे और कई बार कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम करने का माहौल मिलना जरूरी है। उन्होंने अपराध और माफिया के खिलाफ कार्रवाई को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए पुलिस बल की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुठभेड़ और जीरो टॉलरेंस नीति पर भी रखी बात
योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने वालों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपराधियों और माफिया के प्रति सहानुभूति दिखाते हैं, जबकि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के दर्द पर उतना ध्यान नहीं देते।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने शहीद जवानों के बलिदान को याद करते हुए उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
पुलिसकर्मियों के भत्तों में कितनी बढ़ोतरी?
पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अलग-अलग श्रेणियों के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की।
1. मोटरसाइकिल भत्ता: फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षक और निरीक्षक स्तर के अधिकारियों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
2. पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता: प्रांतीय पुलिस सेवा यानी पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों का यूनिफॉर्म भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किया जाएगा।
3. सिम भत्ता: फील्ड ड्यूटी में तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई।
इन घोषणाओं का उद्देश्य फील्ड ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की जरूरतों को पूरा करने और उनके कामकाज से जुड़ी सुविधाओं में सुधार करना है।
शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री ने कर्तव्य निभाते हुए प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की सुरक्षा में पुलिस बल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। आम नागरिकों का सुरक्षित माहौल में जीवन बिताना पुलिसकर्मियों की सतत मेहनत और जिम्मेदारी से जुड़ा है।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के मनोबल, कल्याण और आधुनिक जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
राजनीतिक संदेश और पुलिस कल्याण—दोनों रहे चर्चा में: पुलिस स्मृति दिवस के मंच से मुख्यमंत्री ने जहां पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, वहीं भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा कर पुलिसकर्मियों को राहत देने का संदेश भी दिया।


