
12 दिन की तलाश के बाद नागपुर में पकड़ी गईं श्रद्धा दुबे, बहन और ड्राइवर भी गिरफ्तार
स्वराज इंडिया ब्यूरो/लखनऊ / नागपुर, 20 अक्टूबर 2026
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में फरार चल रहीं श्रद्धा दुबे को उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में श्रद्धा की बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को भी पकड़ा गया है। तीनों की गिरफ्तारी के साथ करीब 11 दिनों से चल रही तलाश में पुलिस को अहम सफलता मिली है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी सहयोग किया। तीनों आरोपियों के बारे में सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने नागपुर में कार्रवाई की। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपियों को लखनऊ लाने की तैयारी की जा रही है।
9 अक्टूबर को हुई थी शिवा शर्मा की मौत
शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
शिवा की मां रंजना शर्मा ने इस मामले में हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और श्रद्धा दुबे सहित अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की। घटना के बाद से ही श्रद्धा, उनकी बहन और ड्राइवर की तलाश की जा रही थी।
हालांकि, शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
कई राज्यों में तलाश के बाद नागपुर तक पहुंची जांच
जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश आगे बढ़ाई। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में उत्तर प्रदेश से बाहर भी जांच की गई और अंततः नागपुर में उनकी मौजूदगी का पता चला।
नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तलाश में मदद की। इसके बाद संयुक्त टीम ने नागपुर के चिंचभुवन इलाके में स्थित एक किराये के फ्लैट पर कार्रवाई कर तीनों को गिरफ्तार किया।
पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल जानकारी और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए इनपुट की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। फरारी के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और उन्हें मिली संभावित मदद की जानकारी जुटाना अब जांच का अहम हिस्सा होगा।
मीडिया के सामने अपना पक्ष रख चुकी थीं श्रद्धा
गिरफ्तारी से पहले श्रद्धा दुबे का एक वीडियो बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने शिवा शर्मा की मौत को आत्महत्या बताते हुए खुद को निर्दोष बताया था। दूसरी ओर, शिवा के परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है।
दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस अब घटना से जुड़े साक्ष्यों, बयानों और घटनाक्रम की कड़ियों की जांच करेगी। श्रद्धा के बयान को उनका पक्ष माना जाएगा, जबकि परिवार की शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर होनी है।
बहन और ड्राइवर की भूमिका की भी होगी जांच
श्रद्धा दुबे के साथ उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि शिवा की मौत से पहले और बाद में क्या घटनाक्रम हुआ, तीनों कहां-कहां रहे और फरारी के दौरान उन्हें किस तरह की सहायता मिली।
अब आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद मामले की कई अहम कड़ियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस की जांच के निष्कर्ष और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।
महत्वपूर्ण अपडेट: श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली की गिरफ्तारी मामले में एक बड़ी प्रगति है, लेकिन गिरफ्तारी अपने आप में दोष साबित नहीं करती। शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।


