
मेरठ, 17 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा पाने वाली मुस्कान रस्तोगी अब जिला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। जेल प्रशासन ने उसे कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी को पत्र लिखा है। सरकारी वकील उपलब्ध होने के बाद अपील दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
सरकारी वकील उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू
जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान ने अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने की इच्छा जताई है। इसके बाद उसे कानूनी सहायता दिलाने के लिए संबंधित प्राधिकरण से संपर्क किया गया है। सरकारी वकील की नियुक्ति और अपील दाखिल करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला हाईकोर्ट के सामने रखा जा सकता है।
क्या है सौरभ राजपूत हत्याकांड?
मेरठ का यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब सौरभ राजपूत की हत्या और उनके शव को नीले ड्रम में छिपाने की घटना ने व्यापक ध्यान खींचा। मामले की सुनवाई के बाद जिला अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई थी।
अब आगे क्या होगा?
मुस्कान की ओर से अपील दाखिल होने पर हाईकोर्ट मामले के तथ्यों, निचली अदालत के फैसले और बचाव पक्ष की दलीलों की समीक्षा करेगा। मृत्युदंड के मामलों में हाईकोर्ट की पुष्टि भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए जिला अदालत की सजा के बाद अभी कई न्यायिक चरण बाकी हैं।
फिलहाल, जेल प्रशासन की ओर से कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकारी वकील की नियुक्ति और अपील दाखिल करने की प्रक्रिया कब पूरी होती है।


