
स्वराज इंडिया ब्यूरो/ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को ग्रेटर नोएडा में ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में बोलते हुए योगी ने अंसारी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और भारत की परंपरा तथा संस्कृति के लिए चिंताजनक बताया।
हामिद अंसारी ने क्या कहा था?
19 सितंबर को आयोजित एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में हामिद अंसारी ने जवाहरलाल नेहरू के एक पुराने संदर्भ का उल्लेख करते हुए हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को भारत के लिए खतरा बताया था। उन्होंने नागरिक राष्ट्रवाद से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ओर बढ़ते रुझान पर चिंता जताई और कहा कि ऐसी प्रवृत्तियों का राजनीतिक और कानूनी स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए।
योगी ने कहा- बयान से भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
सीएम योगी ने अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा होती है। उन्होंने अंसारी के वक्तव्य को भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति के संदर्भ में नुकसान पहुंचाने वाला बताया।
योगी के मुताबिक, ऐसे बयानों से भारत की छवि को लेकर गलत धारणा बनाने और देश में भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास होता है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक दृष्टिकोण के संदर्भ में भी उठाया।
‘सनातन सबका है’ पर योगी का जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसकी सनातन परंपरा और विविध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में अलग-अलग विचारों के लिए जगह रही है और देश ने विभिन्न समुदायों को समय-समय पर आश्रय दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को लेकर किसी भी तरह की एकतरफा या अधूरी व्याख्या देश की वास्तविक सामाजिक-सांस्कृतिक तस्वीर को प्रभावित कर सकती है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
इसी कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से ऐसे बयान दिए जा रहे हैं जो समाज में भ्रम और अव्यवस्था पैदा करते हैं। योगी ने नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान और महिला सशक्तीकरण को लेकर सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
हामिद अंसारी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है, वहीं योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। फिलहाल विवाद का केंद्र हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारतीय पहचान को लेकर अंसारी की टिप्पणी तथा उस पर योगी की आपत्ति है।


