
आगरा में सपा को झटका, मोनिका नाज खान ने दिया इस्तीफा, स्थानीय नेताओं पर लगाए उत्पीड़न के आरोप
स्वराज इंडिया ब्यूरो/आगरा। समाजवादी पार्टी की अल्पसंख्यक सभा की राष्ट्रीय सचिव मोनिका नाज खान ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद जारी वीडियो में उन्होंने आगरा के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास और पार्टी से जुड़े कुछ लोगों पर लगातार परेशान करने, दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। मोनिका ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मामले में हस्तक्षेप की अपील की है।
वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप
मोनिका नाज खान ने मंगलवार रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी शिकायत सार्वजनिक की। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जिससे वह परेशान हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की।
मोनिका के मुताबिक, वह कई बार अखिलेश यादव से मुलाकात की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने अखिलेश यादव को अपना बड़ा भाई बताते हुए उनसे मदद की अपील की।
चरित्र पर टिप्पणी का भी आरोप
मोनिका नाज खान ने आरोप लगाया कि रोहित उर्फ नासिर नाम का व्यक्ति उनके चरित्र को लेकर आपत्तिजनक बातें कर रहा है और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इस विवाद की पृष्ठभूमि में वर्ष 2021 में दर्ज कराई गई एक एफआईआर भी है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले में सामने आए बयानों के आधार पर पुलिस या संबंधित जांच एजेंसी की ओर से तथ्यात्मक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
शब्बीर अब्बास ने आरोपों से किया इनकार
आगरा के सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने मोनिका नाज खान के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यदि पार्टी के किसी पदाधिकारी द्वारा किसी कार्यकर्ता के साथ दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की शिकायत है तो उसकी जांच कराई जा सकती है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
शब्बीर अब्बास ने इन आरोपों को पार्टी को कमजोर करने की साजिश बताया है। इस तरह मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
सपा में कई जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं मोनिका
मोनिका नाज खान लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़ी रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, वह 2014 में सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने श्रम विभाग में सदस्य और सपा महानगर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली है। इस्तीफे से पहले वह सपा अल्पसंख्यक सभा की राष्ट्रीय सचिव थीं।
मोनिका ने अपने बयान में कहा है कि पार्टी छोड़ने का फैसला मौजूदा विवाद और स्थानीय संगठन से जुड़े आरोपों की वजह से लिया गया है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने पार्टी की विचारधारा और राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति अपनी निष्ठा कायम रहने की बात भी कही है।
2027 से पहले आगरा में संगठनात्मक विवाद चर्चा में
मोनिका नाज खान का इस्तीफा ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आगरा में सपा संगठन से जुड़े इस विवाद ने स्थानीय राजनीति में चर्चा बढ़ा दी है।
फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि पार्टी नेतृत्व इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है। आरोपों की जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


