सड़क सुरक्षा समिति में मुद्दा उठने के बाद भी जिम्मेदार बने लापरवाह
गड्ढों और बारिश के पानी से आए दिन हादसों का शिकार हो रहे वाहन सवार
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो,
कानपुर देहात।झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे का पिपरी भोगनीपुर से लेकर बारा जोड़ तक का 25 किलोमीटर का सफर लोगों के लिए जानलेवा बन चुका है। हाईवे पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और दब चुकी सड़कें वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। दोपहिया और चारपहिया सवारों को हर वक्त सतर्क रहना पड़ता है, क्योंकि जरा सी चूक होते ही हादसा तय है।कई बार मांग उठने और सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में मामला आने के बावजूद एनएचएआई और जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप्पी साधे बैठे हैं। सबसे खराब हालात कानपुर की ओर जाने वाले लेन की है, जहां पिपरी, भोगनीपुर, पुखराया, हासेमऊ डींघ, देवीपुर, मावर और लालपुर के पास कई बड़े गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं।
रात का अंधेरा और हल्की बारिश स्थिति को और भयावह बना देते हैं। बारिश में गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और वाहन चालक दुर्घटनाओं के शिकार हो जाते हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से मरम्मत की मांग कर रहे हैं, मगर जिला प्रशासन और एनएचएआई की उदासीनता मौतों को दावत दे रही है।