
कानपुर | प्रमुख संवाददाता | स्वराज इंडिया न्यूज़ ब्यूरो
कल्याणपुर इंदिरा नगर स्थित गौतम बुद्ध पार्क को लेकर उपजा विवाद आखिरकार थम गया है। नगर निगम ने यहां शिवालय पार्क बनाने का प्रस्ताव वापस ले लिया है। इसके बाद पार्क में किसी तरह का धार्मिक ढांचा नहीं बनेगा और इसकी मूल पहचान जस की तस बनी रहेगी। बसपा प्रमुख मायावती ने इस फैसले का स्वागत करते हुए यूपी सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि बुद्ध पार्क बौद्ध अनुयायियों की आस्था का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां किसी अन्य धर्म का पूजा स्थल बनाना न सिर्फ अनुचित था बल्कि इससे सामाजिक तनाव भी फैल सकता था। मायावती ने सरकार से अपील की कि आगे भी ऐसी किसी योजना या निर्णय से बचा जाए जो समाज में विवाद और वैमनस्य पैदा करे।

महापौर का ऐलान केवल सौंदर्यीकरण होगा पार्क का
महापौर प्रमिला पांडेय ने साफ किया कि बुद्ध पार्क की मौलिकता को किसी भी कीमत पर बदला नहीं जाएगा और यहां अब सिर्फ सौंदर्यीकरण व नागरिक सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क, पिकनिक स्पॉट और हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि यह पार्क पहले से ज्यादा आकर्षक और शांतिपूर्ण बन सके। नगर निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पार्क की धार्मिक और सामाजिक महत्ता को देखते हुए यहां कोई नया निर्माण न किया जाए। नगर आयुक्त स्तर पर भी आदेश जारी कर अधिकारियों को केवल पार्क की साफ-सफाई, हरियाली और संरचनात्मक मजबूती पर काम करने को कहा गया है ताकि आने वाले वर्षों में यह पार्क शहरवासियों के लिए और भी उपयोगी बन सके।

विरोध के बाद निगम बैकफुट पर, शिवालय पार्क बनेगा दूसरी जगह
लगातार हो रहे विरोध और राजनीतिक दबाव के चलते नगर निगम को बैकफुट पर आना पड़ा। बसपा प्रमुख मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर साफ चेतावनी दी थी कि इस तरह की योजनाएं सामाजिक सौहार्द के खिलाफ हैं और बौद्ध अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं। बसपा जिलाध्यक्ष कुलदीप गौतम ने भी इस फैसले को जनता की भावनाओं के अनुरूप बताया और कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर लगातार नजर रखेगी। वहीं महापौर प्रमिला पांडेय ने घोषणा की कि बुद्ध पार्क में किसी भी प्रकार का धार्मिक ढांचा नहीं बनेगा और विवादित प्रस्ताव को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने पुष्टि की कि अब शिवालय पार्क किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर बनाया जाएगा और इसके लिए वैकल्पिक भूमि की तलाश का काम शुरू कर दिया गया है। इस निर्णय के साथ ही बुद्ध पार्क की मौलिक पहचान सुरक्षित हो गई है और विवाद पर विराम लग गया है।

मुख्य बिंदु
- बुद्ध पार्क में शिवालय पार्क बनाने का प्रस्ताव वापस लिया गया।
- मायावती ने स्वागत किया और सरकार को आगे ऐसे विवाद न खड़ा करने की सलाह दी।
- महापौर ने कहा पार्क का स्वरूप जस का तस रहेगा।
- केवल सौंदर्यीकरण, हरियाली और बच्चों के लिए सुविधाओं पर ध्यान होगा।
- शिवालय पार्क के लिए नगर निगम नई जगह तलाश रहा है।



